रतसर। गड़वार थाना क्षेत्र के अमडरिया में बीते 15 दिसंबर से लापता बालक कुश सोनी (12) की लाश उसी के घर में सौतेले भाई दिनेश सोनी (24) के कमरे से 22 दिसंबर की शाम बरामद की गई थी। जबकि सौतेला भाई घर छोड़कर भागा हुआ है। गांव वालों का कहना है कि वह आरोपी दिनेश हमेशा हिंसक फिल्में बड़े ही चाव से देखता था। अक्सर बातचीत में वह लोगों से टार्चर करने के तरीके पर बहस करता था। मुहल्ले के लोगों ने बताया कि कुश के लापता होने से दो दिन पूर्व दिनेश ने एक कुत्ते को पकड़ा और अपने कमरे में ले गया था। इसके बाद कुत्ते का गला घोंट कर मार डाला था। ठीक उसी प्रकार कुश के शव के साथ भी क्रूरता की गई थी। जिस तरह से शव को गर्दन से लेकर पैर तक एक ही जंजीर से बांधा गया था, उसे खोलने में पुलिस को पसीने छूट गये।
ध्रुपजी सोनी की पहली पत्नी कौशल्या से दो पुत्री और दो पुत्रों में दिनेश सबसे छोटा है। दो पुत्री संगीता व सरिता की शादी बहुत पहले हो चुकी है। बड़ा पुत्र संतोष सोनी आजमगढ़ में सोनारी का काम करता है और लंबे समय से वही रहता भी है। हत्यारोपी दिनेश यहीं रहकर कभी खलासीगिरी तो कभी अन्य कार्य करता है। पहली पत्नी कौशल्या की मौत के बाद ध्रुपजी ने दूसरी शादी माला देवी से की। जिनकी तीन संतानों में पुत्री संगीता की भी शादी गोपालगंज बिहार में हो चुकी है। बड़ा पुत्र लव सोनी भी अपनी बहन के यहां गोपालगंज में रहकर पढ़ता है। जबकि कुश गांव में रहकर कक्षा छह में पढ़ता था।
बहन संजू ने बताया कि जिस दिन कुश घर से लापता हुआ, उस दिन वह घर पर अकेली थी। माता-पिता दोनों द्वाबा क्षेत्र के सुदिष्टपुरी मेला में दुकान लगाने गये थे। 15 दिसंबर को वह दोपहर में उसने भाई को आखिरी बार देखा था। उसी समय से सौतेले भाई के कमरे पर भी ताला लगा हुआ था। माला देवी ने बताया कि दिनेश आये दिन हिंसक तरीके से सभी से मारपीट करता रहता था।
बताया कि बीते 27 मार्च को भी दिनेश ने उन पर बालू चोरी का आरोप लगाते हुए उनकी और पति की पिटाई की थी। उन्होंने पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन गांव वालों के कहने पर कोई मुकदमा नहीं लिखवाया। 24 घंटे बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है। रविवार को एएसपी ने भी घटना स्थल पर पहुंच लोगों से घटना के बारे में जानकारी ली।