परिषदीय विद्यालयों की हालत खस्ता।
जनपद में शनिवार को प्राथमिक विद्यालयों में घंटी बजी और अपनी-अपनी कक्षाओं में छात्र पहुंच गए। नए कक्षाओं में पहुंचे छात्रों की चमक देखने लायक थी। लेकिन बेलहरी शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बहादुरपुर पर शनिवार को भी ताला लटकता रहा। आपको याद दिला दें यह वहीं स्कूल है जहां पिछले दिनों मिड डे मील खाने के बाद 139 बच्चे बीमार पड़ गए थे।
इस मामले में बीएसए ने तत्काल प्रभाव से प्रधानाध्यापिका सहित चार शिक्षक को निलंबित करने के साथ ही तीन रसोइयों और एक प्रेरक को कार्य मुक्त कर दिया था। विभागीय कार्यवाही के विरोध में शिक्षकों के आंदोलन ने भी तूल पकड़ लिया और बीएसए को आखिरकार शुक्रवार को निलंबित शिक्षकों को बहाल करना पड़ा। इस मुद़दे को लेकर शिक्षकों की हड़ताल ही वजह से शुक्र वार को अधिकतर स्कूल नहीं खुले और जो खुले भी वहां छात्र नहीं पहुंचे।
बेलहरी ब्लॉक के बहादुरपुर प्राथमिक विद्यालय पर एमडीएम के तहत बना खाना खाकर 139 छात्रों की तबियत खराब हो गई थी। इसके चलते स्कूल के बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती भी कराना पड़ा था। इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. राकेश सिंह ने आनन-फानन में प्रधानाध्यापक सहित चार शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जबकि तीन रसोइया और एक प्रेरक को बर्खास्त कर दिया था।
लेकिन शिक्षकों की हड़ताल की वजह से शिक्षकों का निलंबन वापस लेकर उन्हें दूसरे विद्यालयों पर संबद्ध कर दिया। लेकिन इस मामले में अबतक रसोइया और प्रेरक के विरुद्घ जांच चल रही है। इसका अभी तक कोई सुराग नहीं मिला कि एमडीएम का भोजन जहरीला कैसे हुआ ? हालांकि प्राथमिक विद्यालय बहादुरपुर में अब भी स्थिति सामान्य नहीं हुई है। शनिवार को मुख्य गेट पर ताला लटकता रहा। करीब एक पखवाडे़ से लंबे समय से बच्चों की पढ़ाई बाधित है। ऐसे में अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर काफी परेशान हैं।