बलिया। नरहीं कांड में बड़ी कार्रवाई के बावजूद जिले के थानों पर कारखासी खत्म नहीं हुई। थाना प्रभारी का खास सिपाही (कारखास) होता है। सिकंदरपुर थाने के कारखास आयुष सिंह व हेड कांस्टेबल विनोद कुमार को पुलिस अधीक्षक ने लाइन हाजिर कर दिया है।
सलेमपुर के पूर्व सांसद रविन्द्र कुशवाहा ने नौ अक्तूबर को पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर जिला पंचायत सदस्य वार्ड संख्या 23 के सदस्य राम विलास राम के रिश्तेदार की बाइक छोड़ने के नाम पर पांच हजार मांगने का आरोप लगाया था। पत्र के माध्यम से बताया कि दोनों जवानों के बारे क्षेत्र में शिकायतें मिल रही हैं। जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
वहीं जिला पंचायत सदस्य रामविलास ने नौ अक्तूबर को पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर बताया था कि 30 सितंबर की रात उनके रिश्तेदार माल्या से सिकन्दरपुर मेला देखने दो बाइक से जा रहे थे। करमौता में सिकन्दरपुर थाने के सिपाही आयुष सिंह और विनोद दीवान मोटर साइकिल थाने लेते गए। एक अक्तूबर को रिश्तेदारों के साथ थाने पहुंचे तो दोनों पुलिस वालों ने बाइक छोड़ने के लिए पांच हजार रुपये मांगे। इसकी शिकायत क्षेत्राधिकारी से करने पर शाम को मेरे मोबाइल पर फोन कर दोनों बाइक ले जाने को कहा। उसके कुछ देर बाद रिश्तेदार के मोबाइल पर चार हजार रुपये चालान का मेसेज आया। रामविलास ने पत्र के माध्यम से जांच कर कार्रवाई की मांग की।
डयूटी के दौरान काम करने पर शिकायतें आती रहती हैं। पूर्व सांसद के शिकायत की जानकारी हमें नहीं है। पुलिस अधीक्षक ने दोनों पुलिसकर्मियों को थाना से हटाकर लाइन में तैनात किया गया है। नीरज यादव, क्षेत्राधिकारी सिकंदरपुर।