याचिका दाखिल होने के बाद कोर्ट की ओर से पुलिस से रिपोर्ट मांगी गई। रिपोर्ट में पुलिस ने आरोपों से इनकार करते हुए बताया कि 20 से 25 महिलाएं और पुरुष प्रति छात्र 10 हजार रुपये दिलवाने और ग्राम पंचायत का नियम बदलवाने के लिए मंत्री के आवास पर पहुंची थीं। आश्वासन देने के बाद भी लोगों ने वहां तोड़फोड़ की।
इस संबंध में रानी देवी सहित छह नामजद और 20-25 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। 22 जुलाई के अपने आदेश में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुरेंद्र प्रसाद ने माना कि इस प्रकरण में तथ्यों की जानकारी भुक्तभोगियों ने खुद उपस्थित होकर दी है। इसे वे न्यायालय में साक्ष्य से साबित कर सकते हैं। इसलिए परिवाद दर्ज किया जाता है। साथ ही बयान दर्ज कराने के लिए 24 अगस्त की तिथि निर्धारित की गई है।
राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला, आद्या शुक्ला निवासी भृगु आश्रम, डिंपल सिंह निवासी खोरी पाकड़, अश्वनी राय निवासी माल्देयपुर, राबिन सिंह निवासी टकरसन, शहर कोतवाल बालमुकुंद मिश्रा और 20-25 पुलिसकर्मी, मंत्री के 20-25 समर्थक।