फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शीतलहरी से पारा लुढ़का गलन वाली ठंड से कांपे लोग

विज्ञापन
विज्ञापन
बलिया। बर्फीली हवाओं के कारण सोमवार को तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बीते दिनों हुई बारिश के असर से न्यूनतम तापमान जहां चार डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। पारा लुढ़कने से शीतलहरी से बढ़ी गलन वाली ठंड हाड़ कंपाने वाली रही। सुबह घना कोहरा परेशानी का कारण बना रहा। 10 बजे के बाद निकली धूप कोहरे और बर्फीली हवाओं के कारण बेअसर रही। शाम को कोहरा बारिश की बूंदों की तरह टपकता रहा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अचानक बढ़ी ठिठुरन से फिलहाल निजात नहीं मिलेगी। अगले तीन से चार दिन तापमान और लुढ़केगा। मंगलवार से पश्चिमी विक्षोभ एक बार फिर हिमालयी क्षेत्र में प्रभावी होगा। 20 जनवरी तक बारिश के भी आसार हैं। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में साफ दिख रहा है। रविवार को बर्फीली हवाओं की गति सुबह 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रही। तो सोमवार को यह बढ़कर 11 किलोमीटर प्रतिघंटा हो गई। हालांकि दिन में दस बजे के बाद धूप निकली, लेकिन लोगों को राहत नहीं दे पाई। शीतलहरी से परेशान लोग अलाव, हीटर, ब्लोअर के आगे बैठकर ठंड से राहत पाने का प्रयास करते रहे। वहीं घरों से बाहर निकले लोगों के शरीर पर बर्फीली हवाएं खुले हिस्सों पर नश्तर की तरह चुभती रहीं। शाम को ठंड का प्रकोप अचानक बढ़ गया। आसमान से ओस की बूंदे टपक रही थीं, नीचे बर्फीली हवाएं मुसीबत बनी थीं। रात में हवाएं सुस्त हुई लेकिन, गलन बढ़ गई। सोमवार को अधिकतम तापमान 24 घंटे में करीब दो डिग्री कम होकर 20.7 से 18.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। वहीं न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन शीतलहरी ने ठंड का प्रकोप बढ़ा दिया। वातावरण में नमी का स्तर अधिकतम रहा। आर्द्रता अधिकतम 80 तो न्यूनतम 60 प्रतिशत रही। हवाओं की गति दिनभर में औसतन 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रही। सूरज निकला पर धूप लोगों को राहत देने वाली नहीं रही। शाम को धुंध के साथ कोहरा पांव पसारने लगा।
विज्ञापन

---
ठंड से फिलहाल राहत नहीं, कोहरा होगा घना
पटना मौसम केंद्र के मौसम विज्ञानी प्रोफेसर विवेक सिन्हा के मुताबिक शीतोष्ण चक्रवात के कारण बर्फीली हवाएं चक्रवाती कहर बरपा रही हैं। संभावना है कि पारा और कम होगा। साफ है कि अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत नहीं मिलेगी। 18 से 20 जनवरी के बीच पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बारिश का कारण बनेगी।---
डॉक्टर की सलाह
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. एके स्वर्णकार ने बताया कि ठंड बढ़ने पर हृदय रोग से पीड़ित लोगों के सीने में दर्द की शिकायत हो सकती है। इसे नजर अंदाज न करें। वहीं ठंडी हवाओं से धमनियां सिकुड़ जाती है इससे रक्त संचरण शरीर में ठीक से नहीं हो पाता और ब्रेन स्ट्रोक या हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। सीने में दर्द की शिकायत पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
विज्ञापन

----
सर्दी से बचाव के लिए रखें इन बातों का ध्यान
-शरीर पूरी तरह से ढक कर रखे और सिर में कैप या मफलर बांधे
-सुबह धूप निकले तभी टहलने जाएं
- ब्लड प्रेशर, मधुमेह व कोलेस्ट्रॉल के मरीज नियमित दवाएं लें
-यदि पहले हार्ट अटैक आ चुका है तो विशेष सावधानी बरतें
-सर्दी में भी पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं
-सीने में दर्द या शरीर में कंपन की शिकायत पर डॉक्टर से संपर्क करें
----
अलाव के नाम पर हो रही खानापूर्ति
शहर समेत जिले के ग्रामीण अंचलों में शीतलहर का प्रकोप लगातार जारी है। कड़ाके की ठंड से आम जनजीवन बेहाल है। वहीं लोगों का आरोप है कि तहसील व निकाय प्रशासन ने गरीबों को अब तक न तो कंबल बांटे हैं और न ही अलाव जलवाए हैं। हालांकि नगर पालिका प्रशासन शहर के कुछ चिह्नित स्थानों पर अलाव जलाने का दावा कर रहा है। लेकिन हकीकत इससे इतर है। शहर के लिए रोडवेज बस स्टाप, जिला अस्पताल परिसर, चित्तू पांडेय चौराहा आदि स्थानों पर सोमवार देर शाम तक नगर पालिका की ओर से अलाव नहीं जलाए गए थे।
---
रैन बसेरा व अलाव की व्यवस्था की की मांग
बैरिया। ठंडी हवाओं के चलते सोमवार को धूप पूरी तरह विवश दिखी। खिली धूप के बीच भी लोग भी घर मे रहने को मजबूर रहे। ठंडी हवाओं ने धूप को विवश कर दिया। धूप में राहत लेने के लिए घर से बाहर निकलने वाले लोगों को ठंडी हवाओं के चलते घरों में वापस लौटने को मजबूर होना पड़ा। शाम ढलते ही चौक चौराहे पर सन्नाटा पसर गया। दुकानों पर ग्राहक ना के बराबर दिखे। देर रात तक खुलने वाली दुकानों के शटर शाम को ही गिर जा रहे हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा अलाव नहीं जलाना व रैन बसेरा की व्यवस्था नहीं किया जाना गरीबों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने इस संदर्भ में जिलाधिकारी व उप जिलाधिकारी बैरिया का ध्यान अपेक्षित करते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है।
----
ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव जलाने की मांग
बेल्थरारोड। सर्दी का सितम जारी है। गलन भरी ठंड और शीतलहर के प्रकोप से जनजीवन अस्त- व्यस्त हो गया है। इस दौरान कोहरे का प्रकोप जारी रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बर्फीली हवाओं से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। कृषि के लिए मौसम को अनुकूल माना जा रहा है और किसान पूरे मनोयोग से कृषि कार्य में जुट गए हैं। ठिठुरन बढ़ जाने से अधिकांश लोग घरों में कैद रहे। इस बीच बादलों की ओट से भगवान भास्कर का लुका-छिपी का खेल जारी रहा। ठंड से बचाव के लिए नगर पंचायत की ओर से अलाव जलाने के साथ ही बाहरी यात्रियों के ठहरने के लिए रैन बसेरा बनाया गया है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव का कहीं अता-पता नहीं है।
विज्ञापन

---
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें