बलिया। बुधवार को हुई झमाझम बारिश से तीन दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से मिल गई है। दो घंटे तक हुई बारिश से नगर में प्रवाहित होने वाले नाले पानी से लबालब हो गए। मुहल्लों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई थी। लोगों को आवागमन में भारी दुश्वारियां का सामना करना पड़ा।
टैगोर नगर, जापलिनगंज, काजीपुरा समेत आधा दर्जन मुहल्लों में में बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया। अलावा एनएच-31 पर माल गोदाम से सतीश चंद्र कालेज चौराहा, एलआईसी रोड से नया चौक, काजीपुरा होते हुए कलेक्ट्रेट जाने वाली सड़क, मिड्ढी से एनसीसी तिराहा जाने वाली सड़कें बारिश के पानी से लबालब रही। इसके अलावा बारिश के कारण शहर के मिश्र नेवरी, भृगु आश्रम, राजेंद्र नगर, बेदुआं, लोहापट्टी, गुदरी बाजार, श्रीरामबिहार कालोनी, आनंद नगर, जिला अस्पताल परिसर, जिला महिला अस्पताल परिसर, कलेक्ट्रेट परिसर व प्रवेश द्वार और पुलिस अधीक्षक के कार्यालय समेत कोतवाली में बारिश का पानी भर गया, जिससे लोगों समेत प्रशासनिक अधिकारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जलजमाव की खबर से मिलते ही नगर पालिका प्रशासन हरकत में आ गया और अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा के निर्देश पर नगर पालिका की सफाई कर्मचारी बरसाती पानी की निकासी के काम में जुट गए। सफाई कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद देर शाम तक शहर के विभिन्न इलाकों से बरसात का पानी बाहर निकाला। जबकि अभी कई मोहल्लों में बारिश का पानी भरा हुआ है, जिसे लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
नहीं उठा कूड़ा तो बारिश ने पहुंचाया नाले में
बलिया। नगर पालिका के सफाई कर्मियों की मनमनी से बुधवार को नगर में चहुंओर कूड़ा पसरा रहा। जिसे दोपहर में हुई बारिश ने बहाकर नाले में पहुंचा दिया। हालांकि बारिश समाप्त होने के बाद शाम को ईओ के निर्देश पर सफाई कर्मी कूड़ा उठाते दिखें, लेकिन बरसात से पूर्व कूड़ा उठान नहीं होने से लागों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान कहीं आवारा मवेशी कचरे फैला रहे थे तो कहीं वाहनों के आवगमन से कूड़ा राहगिरों के लिए परेशानी का सबब बना रहा। रही सही कससर बारिश ने पूरा कर दी। यह स्थित नगर में एक दो जगह नहीं बल्कि कमोबेश सभी मोहल्लों की है, जहां कूड़ा उठान ही नहीं होने से कूड़े का अंबार लगा हुआ है। हालांकि नगर पालिका प्रशासन के दावे के मुताबिक नगर की साफ-सफाई पर प्रतिमाह करीब पचास लाख रुपया खर्च किया जाता है, जिसमें करीब 21 लाख रुपये तो नपा द्वारा आर्यन ग्रुप को महज 11 वार्डों की सफाई के लिए दिया जाता है। जबकि शेष 14 वार्ड की साफ-सफाई के लिए नगर पालिका लगभग 25 से 29 लाख रुपया व्यय करती है। बावजूद इसके शहर में गंदगी का सम्राज्य है।
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