फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ballia News: छाया के शरीर पर सात-आठ बार फावड़े से किया गया वार, मां का सिर भी दिया था कूंच

विज्ञापन
विज्ञापन
चिलकहर। गड़वार थाना क्षेत्र के विशुनपुरा में हुए दोहरे हत्याकांड में पुलिस के अनुसार छाया देवी के शरीर पर सात-आठ बार फावड़े से हमला किया गया था। चेहरे व सिर सहित पूरे शरीर पर गहरे जख्म मिले। घटना के बाद मौके पर पहुंचे आसपास व परिजन शव की हालत देख अवाक रह गए, कई महिलाएं बेहोश हो गईं।
विज्ञापन

आरोपी प्रतीक ने जिस तरीके से मां विमला देवी और पड़ोसी छाया देवी को मौत के घाट उतारा है, उससे प्रतीत हो रहा था कि वह बहुत ही गुस्से में था। जिस समय ये वारदात हुई उस समय घर में सिर्फ प्रतीक की मां और उसकी बहन ही मौजूद प्रतीक्षा थी। ग्रामीणों के अनुसार प्रतीक अपनी बहन के साथ मारपीट कर रहा था। उसकी मां विमला देवी जब उसे समझाने के लिए पहंुची तो उसने फावड़े से हत्या कर दी। प्रतीक यदि बहन के साथ मारपीट कर रहा था तो मां को इतनी बेरहमी से क्यों मारा। ये सवाल लोगों को परेशान किए है। वहीं, मौके पर मौजूद बहन के शरीर पर चोट के कोई खास निशान नहीं थे।
मामले में पुलिस को दी गई तहरीर में छाया देवी के भतीजे संजय कुमार पांडेय ने आरोप लगाया है कि विमला पांडेय की हत्या के बाद प्रतीक के चाचा रमेश चंद्र पांडेय जो बड़ौदा यूपी बैंक में कैशियर के पद पर तैनात हैं ने फोन कर छाया देवी से कहा कि मेरे घर पर कुछ हुआ है, जाकर देख लें। इसके बाद छाया देवी विमला पांडेय के घर पहुंचीं लेकिन प्रतीक ने फावड़े से प्रहार कर उनकी भी हत्या कर दी। इस बारे में प्रतीक की बहन से पूछताछ की गई तो उसने किसी को फोन करने और जानकारी देने से इन्कार किया। आखिरकार प्रतीक्षा ने नहीं बताया तो रमेशचंद्र को घटना की जानकारी कैसे मिली। उमेश चंद पांडेय और संजय कुमार पांडेय में घर के बगल की जमीन को लेकर पिछले कई वर्षों से हाईकोर्ट में मुकदमा चल रहा था। पिछले वर्ष संजय कुमार पांडेय के पक्ष में फैसला आया। संजय का आरोप है कि इसी विवाद में साजिश के तहत चाची छाया को बुलाकर हत्या कराई गई। वहीं, पुलिस ने प्रतीक के पिता उमेश चंद पांडेय और चाचा रमेश चंद पांडेय को भी हिरासत में ले लिया है। पूछताछ कर रही है।
विज्ञापन


घटना के समय मौके पर मौजूद चश्मदीद प्रतीक्षा ने बताया कि भाई मेरे हाथ से नट छीन रहा था, न देने पर दांत से अंगुली काटने लगा। मेरी चीख सुनकर मां विमला देवी बचाने आईं तो भाई ने मां पर फावड़े से हमला कर दिया। चीख सुनकर पड़ोस में रहने वाली छाया देवी बचाने पहुंची। लेकिन प्रतीक ने उनपर भी हमला कर दिया। मैं चीखते हुए भागी। तब तक आसपास के लोग जुट गए।
गांव के लोग नहीं पहुंचते तो पांच और लोगों की हत्या हो जाती : छाया देवी की चचेरी बहू ने बताया कि चाची के चिल्लाने की आवाज सुनकर जब हमलोग प्रवीण के घर पहुंचे तो प्रतीक के हाथ में फावड़ा था। विमला और छाया के शव घर के बाहर पड़े थे। हमलोगों को देखकर प्रतीक फावड़ा लेकर मारने के लिए दौड़ा। अगर उस समय गांव के लोगों ने उसे पकड़ा नहीं होता तो वह परिवार के पांच अन्य लोगों की हत्या कर चुका होता।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें