बलिया। पिछले एक सप्ताह में मौसम में तेजी से बदलाव हुआ है। दिन में गर्मी होने लगी है। रात में अभी भी ठंडी है। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मौसम में जरा सी लापरवाही जुकाम, बुखार के खतरे को बढ़ा देगा। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है। गर्म कपड़ों को एक दम पहनना बंद न करें। रात में अभी एसी या पंखा चलाकर न सोएं, ठंडी चीजों के सेवन से बचें।
निजी अस्पताल के डॉ. बीके गुप्ता ने बताया कि फरवरी के अंत और मार्च के पहले सप्ताह दिन ऐसे होते हैं, जिसमें सर्दी अलविदा कह रही होती है। ऐसे में कई बार हम लापरवाह हो जाते हैं। इसके चलते अक्सर इस मौसम में लोगों को खांसी, जुकाम की समस्याएं हो जाती हैं। कई बार हल्का बुखार भी आ जाता है। कहा कि जब मौसम बदलता है उसका सबसे सीधा असर हमारे शरीर पर पड़ता है। डॉ. गुप्ता ने कहा कि हमारा शरीर लंबे समय तक एक मौसम का अभ्यस्त हो जाता है और नए मौसम के हिसाब से ढालने के लिए उसको वक्त चाहिए होता है। डॉ. गुप्ता ने कहा कि फिलहाल कुछ दिन तक पंखा न चलाएं तो अधिक बेहतर होगा गर्म कपड़ों को अभी अंदर न रखें। अगर आपको हल्का ही नजला या नाक बंद होने की शिकायत लगे तो तुरंत गर्म कपड़े पहनना शुरू कर दें। खासतौर पर रात में और सुबह के समय जरूर पहने रहें।
छोटे बच्चों का रखें विशेष ख्याल
बदलते मौसम में बच्चों का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अजीत सिंह ने कहा कि ऐसे मौसम में बच्चों को पानी से भीगने से बचाएं। दिन में भले ही गर्म कपड़ों न पहनाएं। सुबह शाम बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर रखें। रात में भी सोते समय में गर्म कपड़े ओढ़ाकर रखें। बाइक पर जाते समय बच्चों को दिन में भी गर्म कपड़े पहनाएं। फर्श पर ज्यादा समय न बैठने दें। पीने में गर्म पानी के साथ ही अन्य आहार भी गर्म करके ही दें। मौसम सामान्य होने तक बच्चों के साथ यह सावधानी जरूरत बरतें।