बलिया। उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद के निर्देश पर बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 27 नवंबर तक विद्यालय संचालकों को उपलब्ध संसाधनों की जानकारी विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। उसके बाद दो दिसंबर तक डीआईओएस की तरफ से गठित टीमें इन विद्यालयों का सत्यापन करेंगी। नौ दिसंबर तक डीएम की तरफ से गठित जांच टीम परीक्षा मानकों की जांच करेंगी।
जिले में 32 राजकीय, 91 मान्यता प्राप्त माध्यमिक और 484 नॉन एडेड माध्यमिक विद्यालय संचालित होते हैं। इन विद्यालयों में इस वर्ष हाईस्कूल में 75 हजार 516 और इंटर के 60 हजार 493 से अधिक परीक्षार्थी नामांकित हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद की तरफ से वर्ष 2022 की बोर्ड परीक्षा के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। सभी माध्यमिक विद्यालयों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाएं, परीक्षा केंद्र के लिए निर्धारित सीसीटीवी कैमरा, सीलिंग रूम, रिकार्डिगिं समेत अन्य बोर्ड परीक्षा से संबंधित गोपनीय बिंदुओं की जानकारी बोर्ड की वेबसाइट पर 27 नवंबर तक अपलोड की जाएगी। 22 दिसंबर तक परिषद की वेबसाइट पर डीएम द्वारा प्रमाणित कराई गई विद्यालयों की आधारभूत सूचनाओं के आधार पर ऑनलाइन प्रविधि से चयनित परीक्षा केंद्रों की सूची सार्वजनिक करते हुए डीएम की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति अवलोकन करेगी। इसके बाद, 27 दिसंबर तक ऑनलाइन चयनित केंद्र निर्धारण के संबंध में डीआईओएस प्रधानाचार्यों से आपत्ति ऑनलाइन के जरिए प्राप्त करेंगे। तीन जनवरी तक प्रधानाचार्यों की तरफ से प्राप्त शिकायतों और आपत्तियों का निस्तारण कर नौ जनवरी तक परिषद की वेबसाइट पर जिला समिति की संस्तुति पर डीएम गठित समिति द्वारा प्रमाणित आधारभूत सूचनाओं को केंद्र निर्धारण सूची को वेबसाइट पर बोर्ड को भेज दिया जाएगा।
पिछले वर्ष की तुलना में घटे 27 हजार परीक्षार्थी
बलिया। कोरोना काल के बावजूद वर्ष 2021में यूपी बोर्ड द्वारा संचालित जिले के करीब 607 स्कूलों के माध्यम से करीब कुल 163387 छात्रों ने परीक्षा के लिए फार्म भरा था, जिसमें हाईस्कूल के 84416 और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए 78971 छात्रों ने आवेदन किया था। इस बार यानी वर्ष 2022 में होने वाली बोर्ड परीक्षा के लिए 136009 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया है। इसमें हाईस्कूल में 75516 और इंटरमीडिएट के लिए 60493 छात्रों ने आवेदन किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 27 हजार 378 कम है।
बोर्ड की तरफ से परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए जिले में संचालित सभी माध्यमिक विद्यालयों को बोर्ड की तरफ से प्राप्त निर्देशों से अवगत करा दिया गया है। जिले में नकल विहीन परीक्षा कराने में कोई भी लापरवाही नहीं बरती जाएगी और न ही इसे बर्दाश्त किया जाएगा। - डॉ. ब्रजेश मिश्र, डीआईओएस बलिया