स्कूली छात्रों में ऑनलाइन पोर्न वीडियो देखने की लत को बढ़ती जा रही है। इसके चलते बच्चे मानसिक रुप से बीमार भी हो रहे हैं और बच्चों के उत्पीडन की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। इंटरनेट पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर रोक लगाने के लिए सीबीएसई ने स्कूलों में जैमर लगाने के बावत निर्देश जारी किया है।
हालांकि जिले में अभी यह निर्देश नहीं आया है लिहाजा जैमर तो नहीं लग रहा लेकिन सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया चल रही है। स्कूलों में आए दिन बच्चों के उत्पीडन की घटनाएं सामने आ रही हैं। हालांकि जनपद में इस तरह की कोई घटना सामने नहीं आई है। लेकिन माना जाता है कि इसके लिए इंटरनेट के माध्यम से चाइल्ड पोर्नोग्राफी की लत है। बताया जाता है कि स्कूलों में बच्चों इसे देखने के कारण मानसिक रुप से बीमार भी हो रहे हैं। इसके चलते जहां स्कूल के शिक्षकों को परेशान होना पड़ता है वहीं अभिभावक भी बच्चों को लेकर काफी तंग रहते हैं।
कई बार यह देखने में आया है कि अभिभावकों की ओर से मोबाइल पर प्रतिबंध लगाने के कारण विवाद भी होता है। हालांकि इस बावत जिले में कोई घटना सामने नहीं आई है और न ही पुलिस तक कोई मामला पहुंचा है। लेकिन सरकार ने सीबीएसई स्कूलों में जैमर लगाने के लिए निर्देश जारी करने को जरुर कहा है।
जिला विद्यालय निरीक्षक की मानें तो स्कूलों में जैमर लगाने को लेकर अभी कोई निर्देश नहीं मिला है। बताया कि स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे का निर्देश मिला है और इस बावत कार्रवाई भी की जा रही है। बताया कि सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए सभी स्कूलों को निर्देश जारी किया गया है और इसकी मॉनीटरिंग भी की जाा रही है।