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कैंडल मार्च निकाल उठाई पत्रकारों की रिहाई की मांग

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पेपर लीक मामले में पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया के सिकंदरपुर में कैंडल मार्च निकालते पत्रकार? - फोटो : BALLIA
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सिकंदरपुर। पेपर लीक मामले में गिरफ्तार पत्रकारों की रिहाई और डीएम व एसपी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्रकारों का आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। संयुक्त पत्रकार संघर्ष समिति के बैनर तले शुक्रवार रात गांधी आश्रम से बस स्टैंड तक कैंडल मार्च निकाला गया।
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इस दौरान पत्रकारों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मांगें पूरी होने तक आंदोलन को जारी रखने का एलान किया। उन्होंने पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने, प्रकरण की न्यायिक जांच कराने की भी मांग की। अजय तिवारी, शंभू नाथ मिश्रा, मुस्ताक अहमद, विजेंद्र सिंह, धीरज मिश्रा, निकेश राय, अजीत पाठक, घनश्याम तिवारी, संतोष शर्मा, रजनीश श्रीवास्तव, अरविंद पांडे, अखिलेश यादव, इमरान खान, मनीष गुप्ता, चुन्नी लाल गुप्ता, ज्ञान प्रकाश, रमेश जायसवाल, अतुल राय, अनिल तिवारी, अंगद, आरिफ अंसारी, आशुतोष पाण्डेय, हसन, गोपाल, शैलेन्द्र गुप्ता, संजीव सिंह, आसिफ, गौहर, तौहीद, आसिफ, पप्पू सिंह, नरायण पाण्डेय, जितेंद्र राय, डी प्रसाद, दिनेश जायसवाल, दिलीप सिंह, निर्भय यादव, नवीन सिंह, नीलेश राय, बख्तियार खान, लड्डन, विनोद गौतम, सनोज गौतम, समीर, सलाम, रेयज अहमद, हेमंत राय आदि मौजूद रहे।
निर्दोष पत्रकारों को फंसने नहीं देंगे: उमाशंकर
रसड़ा। विधायक उमाशकर सिंह ने कहा कि निर्दोष पत्रकारों को फंसने नही देंगे। मुख्यमंत्री एवं प्रमुख सचिव से वार्ता कर पत्रकारों की रिहाई के लिए किसी दूसरे एजेंसी से निष्पक्ष जांच करा कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जाएगी। पेपर लीक मामले में जिला प्रशासन की नाकामी के कारण इतना मामला तूल पड़ा है। जिला प्रशासन की नाकामी ही है की जनपद में पेपर लीक हो गया। शासन से मांग किया की उच्च स्तरीय जांच कर कार्रवाई करें।
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