अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) द्वारा गुरुवार की शाम स्टेशन परिसर से कैंडल मार्च निकाला गया। जो नगर के विभिन्न मार्गों का भ्रमण कर स्टेशन परिसर पर आकर समाप्त हुआ। इस दौरान मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने मानवाधिकार हनन के खिलाफ संघर्ष करने की शपथ ली।
इस अवसर पर उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए अध्यक्ष रणजीत सिंह ने कहा कि भोजन और शिक्षा का अधिकार मिलने के बाद भी देश में भूख से मौतें हो रही हैं। वहीं देश के लाखों बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे है। किसानों की मानवाधिकार की स्थिति यह है कि वे लगातार आत्महत्या कर रहे है।
कैंडल मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने कानून का शासन स्थापित करो, मानवाधिकार बहाल करो, भोजन और शिक्षा का अधिकार बहाल करो, फर्जी इनकाउंटर बंद करो आदि नारे लगाये।
अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर गुरुवार को नगर से लेकर ग्रामीणांचलों में विभिन्न संगठनों की ओर से गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने मानवाधिकार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। नगर के बहादुरपुर स्थित डीएसएचआरडी कार्यालय पर गोष्ठी की गई।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए विधिक सलाहकार संदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि न्यायालय जाने से पहले मानवाधिकार हनन से संबंधित सभी मामलों के निस्तारण के लिए 10 रुपये के स्टांप पेपर पर जिलाध्यक्ष के नाम देने पड़ते हैं। इसका निस्तारण कमेटी द्वारा किया जाता है।
उधर, राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं भ्रष्टाचार निवारण संघ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आजमगढ़ मंडल के अध्यक्ष डा. गोविंद सिंह तथा महासचिव बृजनाथ ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया।