महाराष्ट्र में दलितों पर हिंसा के खिलाफ भाकपा माले के कार्यकर्ताओं नेे पार्टी के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने महाराष्ट्र सरकार का पुतला दहन किया। इस दौरान माले कार्यकर्ताओं ने भाजपा विरोधी नारे भी लगाए। इस मौके पर माले नेता लक्ष्मण यादव ने कहा कि भाजपा सरकार दलित विरोधी सरकार है। एक तरफ डॉ. अंबेडकर के बनाए संविधान को राष्ट्रीय ग्रंथ बताती है।
वहीं दूसरी ओर अंबेडकर की याद में स्वाभिमान दिवस मनाने वाले दलितों पर मनुवादियों पर हमला करवाती है। भाजपा आरएसएस की नीतियां दलित तथा अल्पसंख्यक विरोधी है। ये समाज में नफरत फैला रही है। देश के दलित, अल्पसंख्यक समाज अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उत्तर प्रदेश में दलितों के उभरते युवा नेता चंद्रशेखर आजाद रावण पर प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा रासुुका लगाया गया। दलित अल्पसंख्यक एवं पिछले वर्ग के युवाओं को फर्जी मुठभेड़ में मारा जा रहा है।
वहीं केंद्र की भाजपा सरकार में शामिल दलित नेता रामविलास पासवान, अठावले, उदित राज तथा प्रदेेश के पिछड़ा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य जो अपने आप को मनुवाद का घोर विरोधी बताते हैं। आखिर महाराष्ट्र समेत भाजपा शासित राज्यों में दलितों, अल्पसंख्यकों के ऊपर हो रहे हमलों पर चुप क्यों है। इस मौके पर भागवत बिंद, रमाशंकर राम, रामप्रवेश शर्मा, उमाशंकर पटेल, द्वारिका प्रसाद, अशोक राम, बृजलाल प्रजापति आदि मौजूद रहे।