बलिया की सब्जी मंडी में खतरनाक आलू की खेंप मौजूद थी। लोागों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा था। मिलावटखोर सक्रिय हैं इसकी सूचना पर खाद्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और 56 हजार का आलू जब्त किया।
बलिया के बाजार में बिकने वाले खतरनाक आलू से सावधान हो जाइए। मंडी में कृत्रिम रंगों वाले आलू पर खाद्य विभाग की नजर है। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने शहर के परिखरा स्थित नवीन मंडी स्थल से 21 क्विंटल रंगे हुए आलू की खेप जब्त की है।
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नमूना संग्रहित कर जांच के लिए प्रयोग शाला भेज दिया है, कार्रवाई के दौरान टीम ने बड़ी मात्रा में कृत्रिम रंग भी बरामद किया है। इस कार्रवाई से आलू पर कृत्रिम रंग लगा कर बाजार में बेचने वाले कारोबारियों में हड़कंप मचा रहा।
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कृत्रिम रंग में रंगी जब्त आलू की कीमत करीब 56 हजार रुपये बताई जा रही है। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिनेश कुमार राय ने बताया कि आलू पर कृत्रिम रंग लगाकर ग्राहकों को धोखा दिया जा रहा था, जिससे उन्हें नया आलू दिखे।
इसके लिए आलू पर गेरुआ रंग लगाया गया था, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। बताया कि कृत्रिम रंग में रंगी आलू का उपभोग करने से उपभोक्ताओं को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
बताया कि इस काले कारोबार में संलिप्त लोग प्राकृतिक आलू के मुकाबले कृत्रिम रंग में रंगे हुए आलू को प्रति कुंतल 400 रुपये अधिक दर पर बेचते थे, जिससे ग्राहकों को नया और ताजगी से भरा आलू मिलने का भ्रम होता था।
खाद्य विभाग को शिकायतें मिली थीं कि मंडी में व्यापारी आलू को कृत्रिम रंगों से रंगकर बेच रहे हैं, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने उपभोक्ताओं को कृत्रिम रंग में रंगे हुए आलू के उपयोग से बचने की सलाह देते हुए कहा कि इसका सेवन स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव डाल सकता है।