बलिया। मनरेगा के तहत हुए कार्यों की वर्ष 2018-19 में हुई सोशल ऑडिट में 15 ब्लॉकों के अलग-अलग गांवों में वित्तीय अनियमितता सामने आई थी। कुल 102 कार्यों में हुई अनियमितता के सापेक्ष 46 लाख 27 हजार 738 रुपये की वसूली का निर्धारण किया गया था। इसकी वसूली संबंधित प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव और मनरेगा तकनीकी सहायकों से होनी है। धनराशि की वसूली के लिए डीडीओ ने मनरेगा उपायुक्त को पत्र भेजकर कार्रवाई करने को कहा है।
सोशल ऑडिट के जिला समन्वयक अवधेश चौरसिया ने बताया कि कुल 91 गांवों के कुल 102 कार्यों में अनियमितता मिली था। इसकी रिपोर्ट जिला विकास अधिकारी को दी गई थी। कोरोना संक्रमण काल होने के कारण सोशल ऑडिट का काम भी प्रभावित रहा। सोशल ऑडिट में निर्धारित धनराशि की वसूली के लिए जिला विकास अधिकारी ने मनरेगा उपायुक्त को एक बार फिर पत्र भेजा है। त्वरित गति से वसूली की कार्रवाई किया जाना आवश्यक है।
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वर्ष 2018-19 में हुई सोशल ऑडिट में मिली वित्तीय अनियमितता के सापेक्ष धनराशि की वसूली विभिन्न कर्मियों से की जानी है। पूर्व में भी पत्र भेजा गया था और एक बार फिर पत्र भेज कर वसूली की कार्रवाई करने को कहा गया है।
- राजित राम मिश्रा, डीडीओ, बलिया।