कार्रवाई के बाद सुनी पड़ी सड़क
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29 जुलाई को पन्नेलाल को वाराणसी की अदालत में पेश कर चौकाघाट स्थित जिला जेल में दाखिल किया गया। पुलिस अफसरों के अनुसार, पन्नेलाल से मालवाहकों से अवैध वसूली के संबंध में विस्तार से पूछताछ नहीं हो पाई है। अवैध वसूली वह कबसे किसके संरक्षण में कर रहा था।
काली कमाई से उसने कहां-कहां संपत्ति बनाई है। यह सभी बातें तभी विस्तार से सामने आ पाएंगी, जब पन्नेलाल से विस्तृत पूछताछ होगी। वहीं, इस पूरे मामले पर शासन स्तर से नजर होने के कारण पुलिस मुकदमे की विवेचना जल्द पूरी कर आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल करेगी।
नरहीं थाना एवं कोरंटाडीह पुलिस चौकी पर अवैध वसूली का मामला प्रकाश में आने के बाद पिछले दिनों खनन विभाग लखनऊ की टीम ने कोरंटाडीह पुलिस चौकी पर पहुंच कर लाल बालू लदे ट्रकों के कागजातों की जांच की थी। 13 ट्रकों का चालान किया था। नरही थाने पर लाल बालू लदे ट्रकों की जांच करने पर कागजात में कमी मिलने पर 6 ट्रकों को सीज कर दिया।
वाराणसी को जिला जेल में दाखिल किए जाने के बाद निलंबित दरोगा पन्नेलाल ने दुर्घटना में पेट पर लगी पुरानी चोट का हवाला दिया। उसका प्रयास था कि वह बैरक में न जाकर सीधे जेल अस्पताल में चला जाए। हालांकि जेल प्रशासन ने डॉक्टरों के परामर्श के बाद पन्नेलाल को बैरक नंबर 10 में ही रहने को कहा। उसे कहा गया है कि स्वास्थ्य संबंधी कोई दिक्कत हो तो वह तत्काल बताए। जेल मैन्युअल के अनुसार उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।