रामगढ़। गंगा लाल निशान पार करके बृहस्पतिवार को मीडियम फ्लड लेबल की ओर बढ़ने लगी है। जलस्तर में बढ़ाव को देखते हुए बाढ़ विभाग अब एनएच-31 पर रिजर्व में बोल्डर गिरा रहा है। ताकि आने वाले किसी भी विषम परिस्थिति में एनएच-31 को बचाया जा सके। गंगा का जलस्तर अगर मीडियम फ्लड 58.725 के लेवल को पार करके हाई ब्लड लेवल की ओर बढ़ता है तो एनएच खतरे में पड़ सकता है।
विभाग ने अब पहले से ही एनएच -31 के किनारे गंगापुर से लेकर हुकुम छपरा तक बोल्डर को गिरा कर रिजर्व में रख रहा है। अगर गंगा की लहरें कहीं एनएच-31 पर धावा बोलती है तो इन बोल्डरों का इस्तेमाल किया जाएगा। एनएच को बचाने के लिए 34 करोड़ की परियोजना का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में गंगा का जलस्तर मीडियम फ्लड लेवल पार करके हाई लेवल की ओर बढ़ता है तो एनएच-31 पर खतरे की घंटी बज सकती है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गुरुवार की शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 57.850 मीटर दर्ज किया गया। खतरा बिंदु 57.615 मीटर है। पानी का बढ़ाव बना हुआ है। केंद्रीय जल आयोग की माने तो गंगा का जलस्तर में फिर से वृद्धि होने की उम्मीद है। बेल्थरारोड : लाल निशान से ऊपर बहने वाली सरयू नदी के जलस्तर में पिछले 24 घंटे से निरंतर घटाव का क्रम बना हुआ है। इसके चलते तटवर्ती दर्जनों ग्रामों के हजारों लोगों को राहत मिली है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार की शाम जलस्तर 64.080 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान 64.010 से 0.070 मीटर कम है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जल स्तर में कमी का सिलसिला जारी रहने का पूर्वानुमान किया है। हालांकि जलस्तर घटते- घटते लाल निशान के करीब पहुंच गया है। फिर भी बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।