बैरिया (बलिया)। रिहायशी झोपडि़यों के पास पटाखा जलाने से मना करने पर कटान पीडि़तों को दबंगों ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। हमले में 20 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा पहुंचाया गया जहां से चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इनमें दो की हालत गंभीर होने पर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। हमलावरों की संख्या 100 के आसपास बताई जा रही है। पुलिस ने सिर्फ चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
बैरिया थाना क्षेत्र के पुराने सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन के निकट पुराने रेलवे लाइन के किनारे गोपालनगर टाड़ी गांव के एक दर्जन से अधिक कटान पीडि़त परिवार एक सप्ताह पूर्व विस्थापित हो कर झोपड़ी लगाकर बसे हैं। बृहस्पतिवार की रात साढ़े आठ बजे उपाध्यायपुर नई बस्ती के अरुण चौहान (24) कटान पीडि़त रामायण यादव के झोपड़ी के पास पटाखा जला रहा था। रामायण यादव ने रोका तो गाली-गलौज शुरू हो गई। कुछ ही देर बाद लगभग 100 पुरुष-महिलाओं ने कटान पीडि़तों के बस्ती में हमला बोल दिया। लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटना शुरू कर दिया। हमलावरों में शामिल महिलाएं भी ईंट पत्थर चला रही थीं। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। कुछ देर बाद लोगों के बीच-बचाव से मामला शांत हुआ। आधा दर्जन लोग घायल होकर जमीन पर गिर पड़े थे। 20-30 की संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चों को चोटें आई थीं। सूचना के लगभग दो घंटे बाद मौके पर पहुंची सुरेमनपुर चौकी पुलिस ने पीडि़तों को थाने बुलाया। कुछ पीडि़त थाने गए जबकि कुछ को अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में रामायण यादव (60), चंद्रदेव यादव (80), रामजी यादव (40), लगनदेव यादव (35), सुगा यादव (55), हीरा यादव (65) को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां चिकित्सकों ने रामायण यादव और चंद्रदेव यादव की स्थिति चिंताजनक देखते हुए उन्हें वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। एसएचओ शिवशंकर सिंह ने बताया कि पीडि़तों की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मेडिकल के आधार पर धाराएं और नाम भी बढ़ सकते हैं।