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लॉकडाउन में बाहर से आए लोगों का सर्वे कर रही आशा के बेटे को पीटा, बदसलूकी भी की

Wed, 22 Apr 2020 06:32 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
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मारपीट - फोटो : अमर उजाला
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बलिया जिले के बांसडीह कोतवाली के पूरा गांव में लॉकडाइन के दौरान बाहर से लोगों की जानकारी लेने गई आशा के लड़के को बुरी तरह से पीटा गया। वह शिकायत लेकर थाने पहुंचीं तो पुलिस ने तहरीर बदलवाकर मुकदमा दर्ज करने के बजाय एनसीआर दर्ज किया। लोग कह रहे हैं कि एक तरफ कोरोना की महामारी के दौरान कार्य में लगे लोगों का प्रधानमंत्री सम्मान करने की बात कर रहे हैं तो दूसरी ओर इन्हें पीटा जा रहा है। मामला बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के पूरा गांव का है। हद तो ये कि सूचना देने के बाद भी अब तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी इसे लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

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आशा मनोरमा देवी ने बताया कि एक मार्च से आशाओं को निर्देश दिया गया कि गांव में जाकर सर्वे करें। जो लोग बाहर से आए हैं, उनके बारे में जानकारी जुटाकर तत्काल इसकी सूचना विभाग को दें। इसी निर्देश का पालन करने के लिए मनोरमा ने बेटे के साथ घर-घर जाकर सर्वे शुरू किया। इसी बीच पता चला कि गांव में पिछले 21 मार्च को रोहित वर्मा व राहुल वर्मा पुणे से आए हैं।

मनोरमा उनके घर पहुंचीं और जानकारी का प्रयास किया तो उसके साथ बदसलूकी की गई। उसके घरवालों ने कहा कि तुम हमें थाने भेजना चाहती हो और इसके बाद बदसलूकी की। इसके दो दिन बाद आशा बहू के बेटे अनुराग वर्मा को बीते सोमवार को घेर कर पीटा गया। मारपीट में अनुराग का सिर फट गया और उसे सात टांके लगाने पड़े। जब वह तहरीर लेकर थाने पहुंची तो मुंशी ने उसे फेंक दिया और मनमाफिक तहरीर लिखवाकर गंभीर धाराओं के बजाय मामले में एनसीआर दर्ज किया।

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