रसड़ा के नराछ गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय पर टीकाकरण के लिए लगी भीड़।
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रसड़ा। क्षेत्र के नराछ गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय पर कोविड-19 टीकाकरण के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों की मनमानी और बिना टीका लगाए मोबाइल पर टीकाकरण का मैसेज आने से ग्रामीण नाराज हो गए। प्रधान और कोविड प्रभारी ने किसी तरीके से लोगों को समझाकर मामला शांत कराया।
कोविड-19 से बचाव के लिए टीकाकरण को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। इस कारण टीकाकरण केंद्रों पर भारी भीड़ हो जा रही है। मांग के अनुरूप टीका उपलब्ध नहीं होने से जहां कई स्थानों पर हंगामा हो रहा है। वहीं, कई स्थानों पर स्वास्थ्यकर्मी भी इसके लिए कारण बन रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय नराछ पर शुक्रवार को लाइन लगाकर कोविड-19 टीकाकरण हो रहा था। लगभग दो घंटे तक सुचारू रूप से टीकाकरण चलता रहा। इसी बीच एक सपा नेता परिवार के दर्जनों सदस्यों के साथ बिना लाइन के ही कमरे में चले गए। इससे पहले से लाइन में लगे लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। हंगामा होने पर स्वास्थ्यकर्मी टीके की कमी बताकर चले गए। टीकाकरण बंद हो गया। एक घंटा बाद सपा नेता फिर पहुंचे। स्वास्थ्यकर्मियों को वापस बुला लिया और अपना और परिचितों का टीकाकरण करा लिया। इसके बाद कर्मी टीका खत्म होने का बात कहकर फिर जाने लगे। आक्रोशित ग्रामीण गाड़ी के सामने बैठ गए। इसी दौरान फुलझरिया देवी, नंदलाल ठाकुर समेत कुछ लोगों के मोबाइल पर बिना वैक्सीनेशन के ही टीकाकरण का मैसेज आने लगा। इस पर लोग विरोध करने लगे। सूचना पर पुलिस और कोविड प्रभारी चिलकहर डॉ. प्रशांत भी पहुंच गए। जांच की गई तो पता चला कि स्वास्थ्यकर्मियों के पास अभी 13 डोज पड़ा हुआ था। प्रधान मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों की मनमानी से बड़ी घटना हो सकती है। पुलिस और कोविड प्रभारी डॉ. प्रशांत ने बहुत जल्द टीका लगाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने स्वास्थ्यकर्मियों को जाने दिया।