रसड़ा। नगर स्थित मुंसिफ न्यायालय के प्रांगण में वर्षों से जमे दुकानदारों ने प्रशासन की सख्ती के बाद शुक्रवार को धीरे-धीरे अपना समान दुकानों से हटाना शुरू कर दिया। दुकानदारों का आरोप है कि वो वर्षों से अपनी अजीविका यहीं पर चला रहे थे। अब सड़क पर आ गए हैं।
उप जिलाधिकारी रसड़ा प्रभु दयाल, तहसीलदार प्रभात सिंह, नॉयब तहसीलदार शैलेश कुमार और कोतवाल नागेश उपाध्याय ने शुक्रवार को भारी फोर्स के साथ दुकानदारों से तत्काल दुकान खाली कर हटाने का आदेश दिया। इसके बाद कुछ दुकानदार तत्काल अपनी दुकान से समान निकालने लगे। विगत कई वर्षों से कई दर्जन दुकानदार मुंसिफ न्यायालय की जमीन में गुमटी रखकर अपनी आजीविका चलाते थे। कुछ दुकानदार का कहना है कि वो बहुत दिनों तक दुकान का भाड़ा तहसील में देते थे। मुंसिफ न्यायालय खुलने से जहां आम लोगों में प्रसन्नता है, वहीं दुकान खोल कर अजीविका चलाने वाले दुकानदारों में अजीविका खोने से मायूस हैं। दुकानदार अपनी दुकानों के लिए उपजिलाधिकारी जिलाधिकारी समेत मुख्यमंत्री से पत्र लिख कर मांग कर चुके हैं।