जनेश्वर मिश्र पुल का निरीक्षण करते जिला अधिकारी
- फोटो : BALLIA
दुबहर। उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने के लिए क्षेत्र के शिवरामपुर घाट पर बने जनेश्वर मिश्रा सेतु का एप्रोच मार्ग गुरुवार की सुबह गंगा की लहरों के दबाव से ध्वस्त हो गया। पुल से सटे उत्तर दिशा में बन रहे एप्रोच मार्ग का 30 मीटर लंबा तथा 30 मीटर गहरा एप्रोच मार्ग की मिट्टी गंगा में समाहित हो गई। मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत एवं लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता आरके बाजपेई ने मौके का मुआयना कर आवागमन को अवरुद्ध कर दिया। अधिकारियों को मौके पर नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया।
शिवरामपुर घाट पर 20ं15 से निर्माणाधीन जनेश्वर मिश्रा सेतु 2019 में बनकर तैयार तो हो गया था लेकिन पुल के उत्तर लगभग साढ़े तीन किमी एवं दक्षिण में लगभग दो किमी एप्रोच मार्ग का निर्माण हो रहा था। इसी बीच गंगा नदी में आई बाढ़ के कारण एप्रोच मार्ग पर पानी का दबाव ज्यादा बढ़ गया जिसके चलते पुल के उत्तर दिशा में एप्रोच मार्ग गुरुवार की सुबह अचानक गंगा नदी में विलीन हो गया। अभी भी कटान जारी है। पुल का एप्रोच मार्ग टूटने से पुल से संपर्क बिल्कुल ही टूट गया है। इस निर्माणाधीन एप्रोच मार्ग से लोग गंगा इस पार से उस पार आते-जाते थे। मौके पर पहुंचे पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बताया कि एप्रोच मार्ग के धराशाई हो जाने से लगभग 50 लाख का नुकसान हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि एप्रोच मार्ग का निर्माण कार्य इसी वर्ष पूर्ण करना था जिसमें अब विलंब की आशंका बढ़ गई है। हालांकि पिछले वर्ष भी गंगा नदी में पानी बढ़ने से मार्ग को काफी क्षति हुई थी, लेकिन उसको समय रहते ठेकेदारों ने काफी हद तक संभाल लिया था।