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Ballia News: जिले में मनाई गई आपातकाल की बरसी

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बलिया/इंदरपुर। 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल की बरसी मंगलवार को जिले में मनाई गई। इस अवसर पर लोकतंत्र की सुरक्षा को याद करते हुए शहीद पार्क चौक में बापू की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
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इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानी शुभ्रांशु शेखर पांडेय ने कहा कि वर्तमान समय सरकार उसी नक्शे पर चल रही है, जो लोकतंत्र के लिए घातक है। लोकतंत्र सेनानी देवेन्द्र नाथ त्रिपाठी ने कहा कि आपातकाल में एक व्यक्ति का ही शासन रहा। प्रेस की स्वतंत्रता, न्याय पालिका, विधायिका पंगु थी। मोरार जी की जनता सरकार बनने के बाद लोकतंत्र की स्थापना हुई। गोष्ठी की अध्यक्षता द्विजेन्द्र कुमार मिश्र ने की।
इस अवसर पर संतोष शुक्ला, चंद्रशेखर सिंह, हरेराम चौधरी, धनराज सिंह, अकमल नईम खां मुन्ना, रामबदन सिंह, शंभू मिश्र, राजऋषि सिंह, दीना भाई, राजू राज, प्रमोद यादव, अजय कुमार सिंह, बासुदेव ठाकुर आदि मौजूद रहे।
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लोकतंत्र सेनानी संगठन की ओर से नगरा-गड़वार मार्ग स्थित प्रतिष्ठान पर आपातकाल की 49वीं वार्षिकी काला दिवस के रूप में मनाई गई। डाॅ. सुरेश तिवारी ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 में आपातकाल की घोषणा कर दी थी। आपातकाल लगते ही विपक्ष के एक-एक नेता को चुन चुन कर पकड़ कर जेल में बंद किया जाने लगा। ऐसे में जयप्रकाश नारायण के आंदोलन से जुड़े युवाओं को भी पकड़ा गया। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने मंत्रिमंडल और राष्ट्रपति के बिना सलाह के अचानक आधी रात को आपातकाल की घोषणा कर दी थी। आपातकाल लगने के बाद बहुत तेजी से संघ और भाजपा के अलावा विपक्ष के अन्य नेताओं को पकड़कर जेल भेज दिया गया। करीब एक लाख 40 हजार लोगों को पड़कर जेलों में बंद किया गया था। डाॅ. शशिप्रकाश कुशवाहा, अरविंद कुमार मिश्र, कमला शर्मा, रमाशंकर प्रसाद, रमाशंकर चौहान, हरेराम गुप्ता आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता मणिराम मिश्रा व संचालन सुरेश तिवारी ने किया।
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