गैरजनपद से स्थानांतरित होकर जिले में आए बेसिक शिक्षकों ने एकजुटता दिखाते हुए शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया।
शिक्षकों का कहना था कि जनपद में तैनाती के दौरान उनकी वरिष्ठता का निर्धारण पहली नियुक्ति से नहीं किया जा रहा है। साथ ही उनसे जूनियर शिक्षकों के साथ काम कराया जा रहा है। कहा कि मांगें पूरी नहीं की गई तो आगे भी व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने सीएम को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। इसमें कहा गया है कि 2012-13 और 13-14 में भारी संख्या में करीब 44 हजार बेसिक शिक्षकों का स्थानांतरण एक जनपद से दूसरे जनपद में किया गया।
लेकिन उनके वरिष्ठता का निर्धारण स्थानांतरण तिथि से किया जा रहा है। इसके चलते जनपदों में गतिमान पदोन्नति प्रक्रिया में अंतर्जनपदीय स्थानांतरित शिक्षकों को कनिष्ठ मानते हुए पदोन्नति से वंचित कर दिया गया है।
इस भेदभाव की नीति को लेकर विरोध स्वरूप विगत दिनों पूरे प्रदेश में अंतरजनपदीय स्थानांतरित शिक्षकों ने विधायकों एवं मंत्रियों को ज्ञापन दिया था। मामला विधानसभा में भी उठा। इस मामले में बेसिक शिक्षा मंत्री ने अंतरजनपदीय शिक्षकों के साथ न्याय का आश्वासन दिया था।
अभी तक इस बाबत सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अंतरजनपदीय शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के आह्वान पर अन्याय के विरुद्ध छह से नौ अप्रैल तक अंतरजनपदीय स्थानांतरित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने काली पट्टी बांध कर कार्य किया था।
ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से इस मामले में न्याय की गुहार लगाई है। साथ ही चेताया है कि यदि उनकी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो 17 अप्रैल को लखनऊ स्थित लक्षमण मेला मैदान में विशाल धरना-प्रदर्शन करने के लिए विवश होेंगे। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
सभा को मुख्य रूप से विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष घनश्याम चौबे, व्यास मुनि यादव, ओमप्रकाश सिंह, अमरेंद्र बहादुर सिंह आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर पारस चक्रवर्ती, रंजना पांडेय, तृप्ति मिश्रा, राकेश सिंह, बब्बन यादव, सुजीत सिंह, संजय पांडेय आदि रहे। अध्यक्षता जिला संरक्षक अरुण कुमार सिंह एवं संचालन जिला मंत्री धीरज राय ने किया।