ऊपरी स्तर पर अपनों से लड़ती ‘आप’ जिले में भी दो फाड़ नजर आ रही है। आप के कथित संयोजक अमरेंद्र सिंह द्वारा चार लोगों की पार्टी सदस्यता समाप्त किए जाने के बाद दूसरे खेमे के कार्यकर्ताओं में उबाल आ गया है। इस मुद्दे पर विशुनीपुर स्थित जिला कार्यालय पर पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों ने प्रेसवार्ता बुलाकर स्थिति स्पष्ट की। वरिष्ठ सदस्य मधुसुदन श्रीवास्तव ने कहा कि जिला स्तर पर कोई कार्यकारिणी गठित नहीं है।
कहा कि अगर किसी के द्वारा अपने को जिला संयोजक कहा जाता है, तो वह पार्टी संविधान के विपरीत है। कहा कि केजरीवाल के विरुद्ध बगावत का झंडा बुलंद करने वाले रमजान चौधरी ने जनपद में पार्टी संगठन के लिए कोई कोरम पूरा नहीं किया, और बिना कागजी कार्रवाई किए ही पूर्णतया निष्क्रिय रहे अमरेंद्र सिंह को जिला संयोजक बनाया गया।
कहा कि ये कभी आप के किसी मुख्य कार्यक्रम में सहभागिता नहीं किए हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान लोकसभा प्रत्याशी/ प्रभारी कर्नल भरत सिंह ने नई कार्यकारिणी का गठन कर अमरेंद्र सिंह को संयोजक मनोनीत किया था। इसमें अमरेंद्र सिंह कार्यकारिणी सदस्य भी नहीं हैं। खुद पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने वाले व्यक्ति किसी दूसरे कार्यकर्ता को कैसे निकाल सकता है।
जबकि राष्ट्रीय स्तर पर आप के बड़े नेताओं के बीच चल रही अंदरूनी लड़ाई के बाद भी योेगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण तथा शांति भूषण की प्राथमिक सदस्यता रद्द नहीं की गई है। तब जिला स्तर पर ऐसी कार्रवाई करने का अधिकार जिला संयोजक को किसने दे दिया। केंद्रीय नेतृत्व से इसकी शिकायत करने के लिए जिला संयोजक अली औसद से अपील की गई।