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अमृत-2 से नगरीय क्षेत्र में सुधरेगी पेयजल और सीवरेज व्यवस्था

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बलिया। ‘अमृत-2’ योजना के तहत नगरीय क्षेत्र में घर-घर पेयजल कनेक्शन और और सीवरेज आदि की व्यवस्था के लिए जलनिगम जुट गया है। इस संबंध में शासन की ओर से गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है। इसके बाद जलनिगम की ओर से नगरीय क्षेत्रों में सर्विस इंडीकेटर्स के आधार पर सर्वे शुरू दिया गया है। सर्वे में हाउस होल्ड, पेयजल की उपलब्धता और आवश्यकता के साथ ही सीवरेज की व्यवस्था पर रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपी जाएगी। इसके बाद पेयजल के लिए डब्ल्यूटीपी (वाटर ट्रिटमेंट प्लांट) और सीवरेज के लिए एफएसटीपी (फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) की डीपीआर तैयार की जाएगी।
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जनपद में दो नगरपालिका बलिया और रसड़ा हैं। इसमें सिर्फ बलिया नगर पालिका में एक लाख से ऊपर की जनसंख्या की है। इसके अलावा, 10 नगर पंचायतें चितबड़ागांव, नगरा, रतसड़ कला, बेल्थरारोड, सिकंदरपुर, मनियर, बांसडीह, सहतवार, रेवती और बैरिया हैं। शासन की ओर से शहरी क्षेत्रों में पेयजल और सीवरेज सुविधाओं के विकास के लिए अमृत-2 योजना की नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है। जल निगम के एक्सईएन अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि अभी गाइड लाइन के आधार पर जनपद के नगरी क्षेत्रों में सर्विस लेवल इंडिकेटर के आधार पर सर्वे रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सर्विस लेवल इंडिकेटर में जनसंख्या और हाउस होल्ड के हिसाब नगरपालिका और नगर पंचायतों में पेयजल की उपलब्धता, स्टोरेज, आवश्यकता के साथ ही सीवरेज के कार्य की रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
कम जनसंख्या वाले निकायों में एफएसटीपी
बलिया। बलिया नगरपालिका को छोड़कर अन्य नगर निकायों की जनसंख्या एक लाख से कम है। ऐसे में ऐसे निकायों में एसटीपी के स्थान पर एफएसटीपी (फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) लगने की ज्यादा उम्मीद है। यह कम भूमि पर बनाया जाता है और लागत भी कम होती है। स्लज को वाहनों से यहां तक पहुंचाया जाता है और यहां पर उसका ट्रीटमेंट किया जाता है।
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