बलिया। बतौर प्रशासक कार्यकाल के दौरान हुई अनियमितताओं के मामले में अब तक तीन सचिवों के खिलाफ वसूली का आदेश हो चुका है। इसको लेकर विभाग में खलबली मचा हुआ है। अभी और छह सचिव अधिकारियों के रडार पर हैं। इन मामलों की जांच भी अंतिम दौर में है।
वर्ष 2021 में ग्राम पंचायत चुनाव के पूर्व ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण ग्राम पंचायतों के विकास के लिए प्रशासक की तैनाती की गई थी। शासन की ओर से इस दौरान एक दिसंबर 2021 से 31 मई 2021 के बीच गांवों में कराए गए विकास कार्यों के सापेक्ष पीएफएमएस से 25 गांवों में काफी अधिक व्यय होने की बात सामने आई। इस मामले की जांच अलग-अलग अधिकारियों से कराई गई जिसमें कुल 22 गांवों में अनियमितताएं मिली। इसमें नौ गांवों के सचिव ग्राम पंचायत अधिकारी रहे। सभी मामलों की जांच सीडीओ के निर्देश पर जिला स्तरीय अधिकारियों ने की थी। इसमें अब कार्रवाई शुरू हो चुकी है। अब तक तीन गांवों के ग्राम प्रधान व सचिवों के खिलाफ वसूली का आदेश भी हो चुका है। इसमें नगरा ब्लॉक के गोठवा ग्राम पंचायत, सोहांव ब्लॉक के भरौली व मुरली छपरा ब्लॉक के इब्राहिमाबाद उपरवार के पूर्व प्रधान व तत्कालीन सचिव हैं। बताया जाता है कि अभी छह ग्राम पंचायतों की जांच भी अंतिम दौर में है। इन गांवों के भी पूर्व प्रधान व तत्कालीन सचिव पर कार्रवाई हो सकती है।
छह ग्राम पंचायतों की जांच भी अंतिम दौर में है। इन गांवों में भी जांच में वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। जल्द ही कार्रवाई होगी। - एके श्रीवास्तव, डीपीआरओ, बलिया