कलेक्ट्रेट में शनिवार को ज्ञापन देने गईं महिलाओं ने एडीएम पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए जमकर तोड़फोड़ की। महिलाएं इस कदर नाराज थीं कि न्यायिक कार्य बाधित करते हुए वह एडीएम कोर्ट के बाहर धरने पर बैठ गईं। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
हंगामा कर रहीं महिलाएं एडीएम के माफी मांगने और अपनी मांगों को पूरा कराने पर अड़ी रहीं। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों और कुछ राजनीतिक दल के नेताओं के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। वहीं एडीएम बच्चा लाल मौर्या ने महिलाओं के आरोप को बेबुनियाद बताया है।
भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व नगर महामंत्री संध्या पांडेय के नेतृत्व में शनिवार की दोपहर करीब साढ़े बारह बजे को शहर कोतवाली क्षेत्र के दर्जनों महिलाएं पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन देने एडीएम बच्चा लाल मौर्या के कोर्ट पहुंचीं। उनका आरोप है कि एडीएम ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और धक्का मारा।
इससे नाराज महिलाओं ने कोर्ट में हंगामा करना शुरू कर दिया। उन लोगों ने कंप्यूटर, कुर्सी, मेज इधर-उधर फेंक दिया साथ ही कोर्ट में ही डीएम व एडीएम मुर्दाबाद आदि के नारे भी लगाए। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई और नाराज महिलाओं को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं मानीं।
अंत में महिला पुलिसकर्मियों को बुलाया गया, तब जाकर महिलाओं को करीब एक घंटे बाद कोर्ट से बाहर निकाला गया। वहां से बाहर निकलने के बाद महिलाएं एडीएम कोर्ट के बरामदे में धरने पर बैठ गईं। जहां एडीएम से माफी मांगने तथा अपनी अन्य मांगें पूरी करने पर अड़ गईं। करीब दो घंटे बाद कुछ वरिष्ठ नेताओं एवं प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद महिलाएं शांत हुईं। इस मौके पर रेनू देवी, सावित्री देवी, लक्ष्मीना देवी, शांति देवी, रीता देवी सहित दर्जनों महिलाएं मौजूद रहीं।
महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप बेबुनियाद है। कोर्ट के दौरान महिलाएं बिना इजाजत कोर्ट के मंच पर चढ़ गईं, जिन्हें नीचे उतरने को कहा गया था। इसके बाद महिलाओं ने कोर्ट में हंगामा किया और तोड़फोड़ की। जिस कारण कोर्ट बाधित रहा।