गांव को खुले में शौचालय मुक्त बनाइये और प्रोत्साहन स्वरूप एकमुश्त बड़ी राशि पाइये। यह प्रदेश सरकार की गांवों को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) बनाने की योजना है। इसके तहत पूरा गांव खुले में शौच मुक्त घोषित होने पर गांव के विकास के लिए ग्रामप्रधान को एकमुश्त राशि दी जाएगी।
जिला पंचायत राज अधिकारी राकेश कुमार यादव ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जिले के प्रत्येक परिवार के घरों में शौचालय निर्माण कराया जाना है। इसके लिए गांव से लेकर शहर तक घर-घर में शौचालय निर्माण को लेकर जागरूकता फैलाई जा रही है।
साथ ही खुले में शौच करने से होने वाली बीमारियों व अन्य नुकसान के बारे में भी बताया जा रहा है। ओडीएफ योजना के तहत लाभार्थी को अपनी लागत से पहले अस्थाई शौचालय बनाना होगा, इस अस्थाई शौचालय का निरीक्षण किया जाएगा, इसके बाद स्थाई शौचालय के निर्माण के लिए 12 हजार रुपये दिए जाएंगे।
प्रत्येक विकास खंड में समुदाय संचालित संपूर्ण स्वच्छता योजना के अंतर्गत जिले के 17 ब्लॉकों में 85 लोगों का चयन कर प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक से पांच लोगों को चयन किया जाना है। जिसमें खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत, खंड प्रेरक, सचिव तथा लोक शिक्षा प्रेरक होंगे।
इनके द्वारा गांवों में महिला, पुरुष एवं बच्चों की टीम बनाई जाएगी, जो खुले में शौच करने वालों को जागरूक करेंगे और निगरानी करेंगे। इस निगरानी टीम को एक शौचालय बनवाने पर 150 रुपये कमीशन शासन द्वारा दिया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थी को स्थाई या अस्थाई शौचालय बनाकर उसका उपयोग करने पर उसे शौचालय की धनराशि मिल सकेगी।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि शासना के निर्देशानुसार दो अक्तूबर 2019 तक खुले में शौच मुक्त ग्राम बनाने का लक्ष्य है, जिसके अंतर्गत टीम का गठन आरंभ कर दिया गया है। इस योजनांतर्गत चिलकहर ब्लाक के रघुनाथपुर को चयन किया गया है। जो खुले में शौच मुक्त हो गया है।