बुधवार को जनपद के समस्त उच्च व प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के आधे-अधूरे ज्ञान की अर्धवार्षिक परीक्षा आयोजित की गई। जिसमें तीन लाख छात्र ने दोनों पालियों में परीक्षा दी। बुधवार की सुबह प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सुबह दो पालियों में परीक्षा आयोजित की गई।
जनपद के कुल 2700 परिषदीय विद्यालय में बुधवार प्रथम पाली में हिंदी व विज्ञान साढ़े नौ बजे से साढ़े 11 बजे तक आयोजित की गई। जबकि दूसरी पाली में कार्यानुभव एवं शारीरिक शिक्षा, साढ़े 12 बजे से तीन बजे तक चली। परीक्षा की शुचिता बनाने के लिए जनपद स्तर पर अधिकारियों की टीम बनी थी जो पूरे जनपद में चक्रमण करती रही।
सर्व विदित है कि परिषदीय विद्यालय के बच्चों को मिलने वाली किताबों का वितरण शासन द्वारा नहीं किया गया है। कहीं-कहीं किया भी गया है तो एक-दो विषयों का। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई अब तक क्या हुई होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। साथ ही इतनी चाक-चौबंद व्यवस्था में परिषदीय विद्यालयों के बच्चों ने किस तरह से परीक्षा दी होगी।
यह किसी को कहने की जरूरत नहीं है। परीक्षार्थी बच्चों का आलम यह था कि कभी पेपर देख रहे थे, तो कभी कॉपी। जब कुछ समझ में नहीं आ रहा था तो जो याद था, वहीं लिखना उचित समझा। परीक्षा के दौरान परीक्षा की सुचिता बनाये रखने के लिए प्रभारी बीएसए मोतीचंद्र चौरसिया जनपद के विभिन्न विद्यालयों का दौरा किया।