वहां मौजूद खंड शिक्षा अधिकारी, विद्यालय के बच्चों, महिला सहायक अध्यपकों और रसोईयो के सामने ही तत्कालीन बीईओ चौरसिया का नाम लेकर भद्दी-भद्दी गालियां देने लगे। कहा कि वो कौन होता है? वार्ड को तय करने वाला। मैं वार्ड तय करूंगा। मेरी ही कुर्सी पर बैठ कर अभद्र भाषा एवं गालीगलौज करने लगे। मुझे समेत अन्य शिक्षकों को सबक सिखाने की धमकी देने लगे।
विद्यालय परिसर में गालीगलौज और चीखने-चिल्लाने से सभी अध्यापक और बच्चे डर गए। विद्यालय का शैक्षणिक माहौल खराब हो गया। प्रधानाध्यापिका ने जानमाल का खतरा बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। कोतवाल योगेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है।
विद्यालय के एमडीएम खाते के संचालन को लेकर हुई कहासुनी के बाद जहां विद्यालय की प्रधानाध्यापक शीला सिंह ने नगर पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह व अन्य दर्जनों लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। वहीं इसके विरोध में नगर पंचायत के कर्मचारियों ने हड़ताल कर कस्बे की सफाई व्यवस्था को ठप कर प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई की मांग की है। नगर पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को देकर प्रधानाध्यापक के खिलाफ शिकायतों की झड़ी लगा दी है।
शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि उक्त विद्यालय में प्रधानाध्यापक द्वारा नियम विरुद्ध वार्ड 14 के सभासद के साथ एमडीएम का संचालन नहीं कर रही हैं। शासनादेश के विरुद्ध 500 छात्रों पर पांच रसोइयों की नियुक्ति की गई है। छात्रों की उपस्थिति के सापेक्ष फर्जी तरीके से बड़ी मात्रा में भोजन ग्रहण करने वाली छात्राओं की उपस्थिति दिखाई जाती है। आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक द्वारा विद्यालय के कंपोजिट ग्रांट, चहक, खेलकूद आदि मदों का बिना कार्य कराए फर्जी बिल वाउचर से भ्रष्टाचार किया गया है।