रामगढ़(संवाददाता)। गंगा नदी के डेंजर जोन पचरूखिया पर एनएच-31 को बचाने की कवायद शुरू हो गई है। सोमवार को बाढ़ विभाग के अभियंता बुद्धिराम मिश्रा और कुमार गौरव के नेतृत्व में स्पर संख्या 17 तथा 18 के मध्य जीओ विधि से प्लेटफार्म बनाने का कार्य शुरू हो गया।
वर्षों से एनएच-31 को बचाने के लिए मझौंवा से पचरूखिया तक कुल 14 ठोकरों के निर्माण और उसकी सुरक्षा में अरबों रुपए पानी में बहा दिए गए। बावजूद एनएच और गांव बचाने में विभाग नाकाम रहा। पिछले साल विभाग ने जीओ विधि की तकनीक पर काम करने का विचार बनाया।
इसी के तहत सोमवार को 24.850 किमी. से लेकर 25.900 किमी. के मध्य 115 मीटर की दूरी पर बालूं भरी बोरियों से प्लेटफार्म बनाने का कार्य शुरू हो गया। साथ ही 17 और 18 के मध्य बोल्डर, अपरन तथा स्पर संख्या 11 और 13 के मध्य लांचिंग एवं अपरन पीचिंग का कार्य किया जाएगा।
गांवों को बचाने की कवायद के बारे में पूछे जाने पर अभियंताओं ने बताया कि 90 और 35 करोड़ की दो परियोजना बनाकर गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग पटना को भेजा गया है। जिसके तहत 90 करोड़ में 2900 मीटर और 35 करोड़ में एक किमी. की दूरी तक जीओ विधि का प्रयोग कर कटान रोकने का प्रयास किया जाएगा। इस कवायद का कितना फायदा मिलता है ये तो आने वाला वक्त बताएगा।