सुरेमनपुर/दयाछपरा। बैरिया तहसील के जगदेवां गांव में विकास कार्यों में गोलमाल की जांच करने पहुंचे मनोरंजन कर अधिकारी और अवर अभियंता के सामने ही बुधवार को प्रधान पक्ष और शिकायतकर्ता भिड़ गए। दोनों ओर से जमकर लाठी-डंडे चले। झगड़ा शांत करने का प्रयास करने पर एक गुट ने जांच टीम पर भी हमला बोल दिया। पथराव कर उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्त कर दी। इससे साफ है कि हमलावरों का मकसद जांच न होने देने से था। टीम को बिना जांच के ही भागना पड़ा। मारपीट में12 लोग जख्मी हो गए। इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के छह लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उनका चालान कर दिया।
जिलाधिकारी को जगदेवां गांव में विकास कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। आरोप था कि गांव में 40 की जगह 10 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। बंधे को काटकर सड़क बनाई गई है। नाली, खड़ंजा निर्माण में लाखों का गोलमाल किया गया है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने मनोरंजन कर अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी। बुधवार को मनोरंजन कर अधिकारी श्यामलाल अवर अभियंता विनय कुमार, ग्राम पंचायत सचिव बृजलाल वर्मा, बाबू मोहम्मद को साथ लेकर पंचायत भवन जगदेवां पहुंचे। जांच टीम शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज कर रही थी। इसी बीच प्रधान पक्ष और शिकायतकर्ता पक्ष भिड़ गए। जांच टीम ने घटना को रोकने का प्रयास किया तो उन पर भी एक गुट ने हमला बोल दिया। पथराव में जहां ग्रामप्रधान रामजी यादव, निरंतर मिश्रा, मनीष कुमार, अशोक कुमार समेत 12 लोग घायल हो गए वहीं जांच अधिकारी का वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। इससे टीम जांच किए बिना ही लौट आई और इसकी सूचना उपजिलाधिकारी को दी। इसके बाद थाने पहुंचकर जांच अधिकारी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। उधर, ग्रामप्रधान और ग्रामीणों की तरफ से भी पुलिस को तहरीर दी गई। तहरीर पर पुलिस ने दोनों पक्षों से छह लोगों का चालान कर दिया। इस संबंध में ग्रामप्रधान रामजी यादव उर्फ उत्तील का कहना है कि शिकायतकर्ता हमसे पैसे की मांग कर रहे हैं। नहीं देने पर बार-बार अनियमितता की शिकायत करते हैं।