बलिया। गंगा और सरयू की कटान से गांवों को बचाने की कवायद तेज हो गई है। शासन की तरफ से स्वीकृत परियोजनाओं के लिए सिंचाई विभाग की तरफ से टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं, कुछ परियोजनाओं के टेंडर होने के बाद कार्य भी शुरू हो गया है।
जून तक किसी तरह से कार्य को पूर्ण करना बाढ़ विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। बाढ़ विभाग की तरफ से कराए जाने वाले कार्यों से 119 गांवों को बचाने का प्रयास होगा। इसके लिए शासन से स्वीकृत 97.18 करोड़ की धनराशि खर्च की जाएगी। इसमें पांच परियोजना सरयू व चार गंगा नदी पर बनेगी। इसमें पिछले बाढ़ के सीजन में सबसे अधिक कटान वाले गांव चक्की नौरंगा, दूबेछपरा, भगवानपुर व सेमरिया के सामने भी कटान रोधी कार्य होगी। गंगा की कटान में चक्की नौरंगा में 130 परिवार बेघर हो गए थे। सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि नदी में समा गई थी। शासन की तरफ से जारी धनराशि में सरयू नदी से लगभग 74 व गंगा नदी से 45 गांव को बचाने की योजना बनाई गई है।
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इन परियोजनाओं पर होगा कार्य
- बांसडही के सरयू तट के दाएं तट पर सुल्तानपुर के पोखरा टोला के सुरक्षात्मक कार्य 6.73 करोड़ से कराए जाएंगे।
- बेल्थरारोड के सरयू तट पर मझवलिया-सोनबरसा तटबंध पर किमी 1.250 से 1.950 के मध्य 9.78 करोड़ से काम होगा।
-बांसडीह के सरयू नदी के दाएं तट पर चांदपुर के सामने अपस्ट्रीम में 8.68 करोड़ से काम कराया जाएगा।
-बांसडीह के सरयू नदी के दाएं तट पर महराजपुर के सामने 8.73 करोड़ से काम कराए जाएंगे। 35 गांव सुरक्षित होंगे।
- बांसडही में सरयू नदी के दाएं तट पर निर्मित तुर्तीपार श्रीनगर तटबंध के किमी 63.300 से 63.700 के मध्य लाचिंग एप्रन व स्लोप पिचिंग कार्य 8.45 करोड़ से होगा।
-बैरिया में गंगा नदी के बाएं किनारे पर स्थित ग्राम समूह दूबेछपरा के सुरक्षा के लिए 9.85 करोड़ से काम होगा, 21 गांव सुरक्षित होंगे।
-बैरिया में गंगा नदी के बाएं किनारे सेमरिया, शिवपुर कपूर दियर, सेमरिया डेरा नारायण राय का डेरा व लगन टोला 9.97 करोड़ से काम होगा। छह गांव सुरक्षित होंगे।
- बैरिया में गंगा नदी के दाएं किनारे पर स्थित ग्राम समूह चक्की नौरंगा व जवैनिया में 9.98 करोड़ से काम होगा। 9 गांव सुरक्षित होंगे।
-बैरिया में गंगा नदी के दाएं किनारे नौरंगा व भगवानपुर के सुरक्षात्मक 24.97 करोड़ खर्च होंगे। 4 गांव सुरक्षित होंगे।
गंगा व सरयू में बाढ़ के दौरान कटान से निजात के लिए कुछ परियोजनाओं पर कार्य शुरू हो गया है। कामों के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू है। जून के अंत तक कार्यों को पूर्ण कराने का लक्ष्य रखा गया है। सभी कार्यों की डिजाइन बनकर तैयार है। -इं. संजय कुमार मिश्रा, एक्सईएन बाढ़ खंड