बलिया। जनपद ही नहीं आसपास के कई जिलों में कभी बलिया के राजकीय इंटर कॉलेज का नाम अच्छी शिक्षण के लिए जाना जाता रहा है। यहां दाखिले के लिए होड़ मची रहती थी। लेकिन उसकी चमक अब धूमिल होती जा रही है। बच्चों की संख्या साल-दर-साल घटती जा रही है। यही नहीं संसाधनों के अभाव में प्रायोगिक कक्षाएं भी अब न के बराबर हो गई हैं।
जिला मुख्यालय पर वर्ष 1900 में स्थापित राजकीय इंटर कालेज दुश्वारियों का दंश झेल रहा है। हालाकि पिछले साल क्लीन स्कूल ग्रीन स्कूल योजना के तहत कालेज के जीर्णोद्धार के लिए शासन से 50 लाख रुपये प्रदान कर दिया गया है, जिसके तहत संबंधित कार्यदाई संस्था द्वारा कछुआ की चाल से करीब दो माह से रंग-रोगन का कार्य किया जा रहा है। कालेज में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट मिलाकर कुल 31 शिक्षक के पद सृजित हैं। जिसमें हाईस्कूल में शिक्षकों के 23 पद सृजित हैं, जबकि इंटरमीडिएट में शिक्षकों के आठ पर सृजित हैं। लेकिन वर्तमान में इंटरमीडिएट में रसायन विज्ञान के दो प्रवक्ता हैं। शेष विषय के प्रवक्ता नहीं हैं।
यही हाल हाईस्कूल का है, जिसमें 23 के सापेक्ष मात्रा 14 से 15 शिक्षक हैं। जिसमें चार शिक्षकों को अन्य विद्यालय में संबद्ध किया गया है। कालेज में कुल 10 से 11 शिक्षक ही कार्य कर रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए 3000-3500 रुपये के मानदेय पर शिक्षक रखे गए हैं। शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों की संख्या साल दर साल कम होती जा रही है। वर्ष 2016-17 में हाईस्कूल व इंटर मिलाकर कुल करीब 757 छात्रों का प्रवेश हुआ था। जबकि पांच वर्ष पूर्व इस विद्यालय में छात्राें की संख्या करीब 2000 तक थी। छात्रों की संख्या कम होना गंभीर समस्या है।
कालेज में शिक्षकों की काफी कमी है। शिक्षकों की कमी को देखते हुए मानदेय पर कुछ शिक्षकों को पढ़ाने के लिए रखा गया है। ताकि छात्रों की शिक्षा प्रभावित न हो सके । शिक्षकों की नियुक्ति पद सृजन के अनुसार किया जाय तो शिक्षण व्यवस्था सुदृढ़ हो जाएगी।
= अतुल कुमार सिंह, प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कालेज, बलिया
संसाधन के अभाव में प्रयोगशाला तोड़ रही दम
बलिया। राजकीय इंटर कालेज में प्रयोगशालाओं की हालत बद से बदतर हो गई है। हाईस्कूल प्रयोगशाला में उपकरण तो है, लेकिन फर्नीचर नहीं है। इससे खराब दशा इंटरमीडिएट की रसायन, भौतिक व जीव विज्ञान की प्रयोगशाला की है। जहां का भवन ही जर्जर हो गया है। प्रयोगशाला में पानी कोई व्यवस्था नहीं है। जबकि प्रयोगशाला में संसाधन उपलब्ध होना चाहिए।
कालेज के जीर्णोद्धार के लिए मिले 50 लाख
बलिया। क्लीन स्कूल ग्रीन स्कूल योजना के तहत राजकीय इंटर कालेज के जीर्णोद्धार के लिए शासन से 50 लाख रुपया प्रदान किया गया है। जिसमें जीर्णोद्धार के लिए 20 लाख, फर्नीचर के लिए 10 लाख तथा सोलर लाइट, पानी सहित अन्य कार्यों के लिए 20 लाख रुपये विभाग को आवंटित शासन द्वारा कर दिया गया है। जिसके तहत संबंधित कार्यदायी संस्था ने कार्य आरंभ कर दिया है।