सोनबरसा में 50 बेड का राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय बनेगा। क्षेत्र के होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक चिकित्सालयों को सक्रिय कर सभी अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। यह निर्णय सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा परिसर में सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त की अध्यक्षता में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी और जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी की मौजूदगी में लिया गया।
सांसद ने आयुर्वेदिक तथा होम्योपैथिक अस्पतालों के स्थिति की समीक्षा के लिए तीनों पैथियों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की बैठक सोमवार को बुलाई थी। इसमें सांसद ने स्पष्ट निर्देश दिया कि लोगों के मन में यह विश्वास पैदा किया जाए कि सरकारी अस्पतालों में बिना पैसे के बढ़िया इलाज होता है। अकारण रेफर की प्रवृत्ति से बचें। जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश गौंड और जिला आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. राघवेंद्र नारायण राय के पेच कसे। कहां कि टालमटोल की स्थिति से उबरना होगा। सप्ताह में कम से कम एक दिन अपने अस्पतालों का निरीक्षण करें। जनपद में कुल 67 होम्योपैथिक चिकित्सालय है, जिसके सापेक्ष 45 चिकित्सकों की पोस्टिंग है। 22 पद खाली हैं। इसी तरह जनपद में 68 आयुर्वेदिक चिकित्सालय है। इसमें 50 चिकित्सक तैनात है। 18 पद खाली है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तन्मय कक्कड़ ने कहा कि विभाग से जो संभव है सहयोग के लिए तैयार हूं। सदर अस्पताल में जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी के लिए कार्यालय भवन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा के परिसर में बना दो मंजिला रैन बसेरे में आयुर्वेदिक तथा होम्योपैथिक चिकित्सालय शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया। प्रथम तल पर आयुर्वेदिक चिकित्सालय तथा दूसरे तल पर होम्योपैथिक चिकित्सालय संचालित होगा। यह कार्य एक सप्ताह के भीतर शुरू हो जाएगा। डॉ. विजय कुमार यादव, निर्भय नारायण शुक्ला, श्याम सुंदर उपाध्याय मौजूद थे।