बलिया नगर पालिका में आबादी से अधिक मतदाता होने के मामले की जांच शुरू हो गई है। एडीएम ने इस मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश तहसीलदार सदर को दी है। अमर उजाला ने तीन नवंबर को इसका खुलासा किया था।
नगर निकाय चुनाव को लेकर तैयार की गई मतदाता सूची के बाबत प्रशासन लगातार दावा करता रहा कि सूची पूरी तरह साफ-सुथरे तरीके से बनाई गई है। इसके बावजूद दोनों नगर पालिकाओं व आठ नगर पंचायतों के मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए परेशान रहे। कई लोगों ने तो मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए जिला प्रशासन से लेकर राज्य निर्वाचन आयोग और मुख्यमंत्री तक से गुहार लगाई लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई। बलिया नगर पालिका की मतदाता सूची में हुई गड़बड़ी की शिकायत शहर के राजपूर नेवरी निवासी रवि सोनी तो पिछले चार महीने से लगातार जिला प्रशासन से करते रहे लेकिन सभी शिकायतें ठंडे बस्ते में ही रह गई। 18 अक्तूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद प्रशासन के दावे की पूरी पोल ही खुल गई। बलिया नगर पालिका के एक तिहाई यानि 25 में से आठ वार्डों में तो आबादी से अधिक मतदाताओं की संख्या निकली। इतना ही राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित आबादी के सापेक्ष 70 मतदाता के स्थान पर एक वार्ड में तो आबादी के सापेक्ष महज 33 फीसदी ही मतदाता थे। हैरानी की बात रही कि इस तरह की गड़बड़ी की शिकायत के बावजूद अधिकारियों ने कोई संज्ञान नहीं लिया। अमर उजाला ने तीन नवंबर के अंक में इसका खुलासा किया तो प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आए और एडीएम ने मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश तहसीलदार को दिया है।
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बलिया नगर पालिका के कुछ वार्डों में आबादी से अधिक मतदाता की बात सामने आई है। इस मामले की जांच तहसीलदार को देते हुए रिपोर्ट मांगी गई है।
= मनोज कुमार सिंघल
एडीएम, बलिया