बोर्ड परीक्षा केंद्रों के निर्धारण को लेकर आई आपत्तियों के निस्तारण के बाद जिला प्रशासन ने कुल 272 परीक्षा केंद्रों का प्रस्ताव माध्यमिक शिक्षा परिषद को भेजा है। नए प्रस्ताव में जहां पहले से डिबार 12 कॉलेजों को सूची से हटा दिया है वहीं शेष बचे नौ एडेड व 18 वित्तविहीन कॉलेजों को भी परीक्षा केंद्र बनाने को प्रस्ताव में शामिल किया गया है।
वर्ष 2017-18 में बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से निर्धारित ऐप पर स्कूलों की ऑनलाइन डाटा फीडिंग करने की व्यवस्था की गई थी। इसमें संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य को विद्यालयों के कमरों की संख्या, सीसी कैमरा, बेंच, शौचालय, बाउंड्री वॉल, छात्र-छात्राओं की क्षमता सहित शिक्षकों की संख्या को दर्शाना था। डाटा फीडिंग के बाद शासन की ओर से स्कूलों की ओर से भरे गए डाटा का सत्यापन कर रिपोर्ट मांगी गई। सत्यापन के दौरान दर्जनों स्कूलों पर गड़बड़ी भी मिली लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
आलम यह रहा कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जिले के 257 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र निर्धारित कर दिया गया। सूची जब परिषद की ओर से ऑनलाइन की गई तो बोर्ड व जिला प्रशासन के सत्यापन की पूरी कलई ही खुल गई। कई विद्यालयों को उसकी क्षमता से दोगुनी संख्या का परीक्षा केंद्र बनाया गया था। इसके अलावा करीब एक दर्जन डिबार कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया।
पिछले साल कुल केंद्रों की संख्या जहां 317 थी वहीं इस बार कुल 257केंद्र ही बन पाए थे। हालांकि माध्यमिक शिक्षा परिषद ने परीक्षा केंद्रों के बाबत आपत्तियां लेने व डिबार कॉलेज को सूची से हटाते हुए दुरुस्त कर प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा था। बताया जाता है कि निकाय चुनाव के बाद जिला प्रशासन ने बोर्ड परीक्षा केंद्रों को लेकर मिली आपत्तियों का निस्तारण करके दुरुस्त करते हुए परिषद को प्रस्ताव भेज दिया है। हालांकि अभी केंद्रों के प्रस्ताव पर बोर्ड की ओर से स्वीकृति अभी जिले को प्राप्त नहीं हुई है।