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Ballia News: प्रदेश में 218 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट

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सिकंदरपुर। सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र से सपा सांसद रमाशंकर राजभर विद्यार्थी की ओर से संसद में उठाए गए प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने प्रदेश में फास्ट ट्रैक, स्पेशल कोर्ट (एफटीएससी) की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया है।
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लिखित उत्तर के अनुसार प्रदेश में इस समय 218 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट कार्यरत हैं। इनमें 74 अदालतें विशेष रूप से पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई के लिए नामित हैं। सरकार के अनुसार इन फास्ट ट्रैक अदालतों में दुष्कर्म एवं पॉक्सो अधिनियम से जुड़े 95,457 मामले लंबित हैं। सांसद ने यह प्रश्न महिलाओं और बच्चों से संबंधित मामलों में न्याय प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर उठाया था। आंकड़ों के मुताबिक प्रत्येक फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में एक पीठासीन अधिकारी और सात सहायक कर्मचारियों की तैनाती का प्रावधान है। इस आधार पर प्रदेश में 1,744 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से कुछ पद फिलहाल रिक्त हैं। इन रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया राज्य सरकार एवं संबंधित उच्च न्यायालय स्तर पर जारी है। केंद्र सरकार ने यह भी बताया कि अदालतों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए ई-कोर्ट परियोजना, डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ऑनलाइन मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही न्यायिक आधारभूत ढांचे के विकास के लिए उत्तर प्रदेश को केंद्र से वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई है।
इस संबंध में सलेमपुर सांसद के मीडिया प्रभारी जितेश कुमार वर्मा ने कहा कि संसद में यह विषय उठाया जाना न्याय व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे को सामने लाने की दिशा में सार्थक पहल है। संवाद
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