बलिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी कर रहे तीन शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी है, जिसमें दो अध्यापिकाएं हैं। इसमें से एक वाराणसी और दूसरी आजमगढ़ की रहने वाली हैं। जबकि शिक्षक आजमगढ़ का रहने वाला है। बीएसए ने साफ शब्दों में बताया कि प्रमाण पत्रों का सत्यापन चल रहा है। इसमें किसी का प्रमाण पत्र कूटरचित, स्वनिर्मित मिला तो उसकी बर्खास्तगी तय है।
बीएसए ने बताया कि 16,448 शिक्षक भर्ती में सहायक अध्यापक के पद पर शिक्षा क्षेत्र रसड़ा के प्रावि रामपुर पर तैनात मंजू पटेल व प्रावि अमहर पट्टी (यादव बस्ती) पर तैनात पुष्पा देवी तथा शिक्षा क्षेत्र बेरूआरबारी के प्रावि टंडवा पर तैनात लालमन गोंड ने नियुक्ति के समय जो टीईटी व बीटीसी/विबीटीसी का प्रमाण पत्र दिया था, वह गलत मिला है। प्रमाण पत्र निर्गमन संस्था ने उक्त तीनों शिक्षकों के प्रमाण पत्र को गलत बताया। इसके बाद इन्हें नोटिस जारी कर कारण पूछा गया, जिस पर जवाब मिला कि उनका प्रमाण पत्र सही है, एक बार फिर सत्यापन कराया जाय। बीएसए ने बताया कि इसके बाद भी सत्यापना कराया गया, लेकिन पुन: कूटरचना की ही बात सामने आयी। इसके बाद इन तीनों की सेवा नियुक्ति तिथि से समाप्त कर दी गयी है। साथ ही उनसे वेतन आदि के मद में भुगतानिक धनराशि राजकोष में जमा करने का निर्देश दिया गया है। जिन तीन शिक्षकों पर कार्रवाई हुई उनमें से
प्रावि रामपुर, शिक्षा क्षेत्र रसड़ा में तैनात मंजू पटेल पुत्री शिवलखन पटेल वाराणसी के सारनाथ इलाके में हीरामनपुर की रहने वाली हैं। दूसरी शिक्षिका पुष्पा देवी पुत्री स्व. रामनाथ यादव की तैनाती प्रावि अमहरपट्टी (यादव बस्ती), शिक्षा क्षेत्र-रसड़ा, बलिया में है। पुष्पा आजमगढ़ के थाना रानी सराय के तमौली गांव की रहने वाली हैं। तीसरे शिक्षक प्रावि टंडवा, शिक्षा क्षेत्र-बेरूआरबारी के लालमन गोंड पुत्र कतवारू गोंड हैं। यह आजमगढ़ के थाना बरदह के असवनियां गावं हदिसादयालपुर के रहने वाले हैं।
उधर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने शिक्षा क्षेत्र मुरलीछपरा के प्रावि इब्राहिमाबाद नौबरार के प्रभारी प्रधानाध्यापक जयकृष्ण यादव को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने के साथ ही प्रावि शिवपुर से संबद्ध कर दिया है। साथ ही बीएसए ने मामले की जांच बीईओ दुबहर मोतीचंद्र चौरसिया को सौंपते हुए 15 दिन में पूरी करने के लिए निर्देशित किया है।
खंड शिक्षा अधिकारी मुरलीछपरा की आख्या व संस्तुति के आधार पर बीएसए ने यह कार्रवाई की है। बीएसए ने बताया कि निरीक्षण के दौरान प्रावि इब्राहिमाबाद नौबरार पर शिक्षक उपस्थिति पंजिका नहीं मिली। मध्यान्ह भोजन व छात्र उपस्थिति पंजिका के साथ ही पत्र व्यवहार तक विद्यालय पर नहीं मिला। यही नहीं, प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा नामांकित 26 छात्रों को ड्रेस व स्वेटर का वितरण नहीं किया गया है। इसके अलावा कम्पोजिट ग्रांट का पैसा आहरण करने के बाद भी कोई कार्य नहीं हुआ है। बीएसए ने बताया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक का यह कृत्य अध्यापक आचरण सेवा नियमावली का न सिर्फ उल्लंघन है, बल्कि शैक्षणिक कर्तव्यों के निर्वहन में भी घोर लापरवाही का मामला है।