बलिया। जिला महिला अस्पताल में पेयजल की समस्या दिन प्रति दिन गहराती जा रही है। यहां तक कि बर्तन व कपड़ा धोने के लिए भी पानी नहीं मिल रहा है। मरीजों की माने तो टंकी संचालक सुबह में टंकी में पानी भरने के बाद गायब रहते है। जिसके कारण शाम को पानी नसीब नहीं हो रहा है। महिला अस्पताल में भर्ती हुए मरीजों एवं तीमारदारों को बाहर से पेयजल एवं बर्तन धोने के लिए बोतल का पानी खरीदना पड़ रहा है।
जिला महिला चिकित्सालय में दो-तीन दिनों से बर्तन व कपड़ा धोने के लिए पानी नसीब नहीं हो रहा है। जबकि पेयजल की समस्या करीब दो-तीन माह से चल रही है। कारण कि नए भवन के निर्माण के दौरान संबंधित कार्यदाई संस्था ने आरो प्लांट को तोड़ दिया था। जिसे पुन: बनाने के लिए कार्यदाई संस्था को जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने कहा था। बावजूद कार्यदाई संस्था द्वारा आरो प्लांट का निर्माण नहीं किया गया। जिसके लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा रिमाइंडर भेजा गया है। लेकिन अब तक आरो प्लांट का निर्माण नहीं किया गया। जिससे अस्पताल में पीने के लिए पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है। वहीं टंकी पर पानी चढ़ाने वाला पम्प बालू दे रहा है। जिसके रि-बोरिंग के लिए संबंधित विभाग को पत्र भेजा गया है। फिलहाल आरो प्लांट वाले पम्प से टंकी भरकर काम चलाया जा रहा है। लेकिन शाम को टंकी में पानी नहीं भरने के कारण मरीजों व तीमारदारों को पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है। इस संबंध में जिला महिला चिकित्सालय की सीएमएस डा. सुमिता सिन्हा ने बताया कि नए भवन का निर्माण कर रही कार्यदाई संस्था को टेंडर देने के दौरान ही आरो प्लांट को पुन: निर्माण करने को लिखित रूप से कहा गया था। बावजूद कार्यदाई संस्था ने आरो पलांट का निर्माण नहीं कराया। जिससे पीने की पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है। अगर बर्तन व कपड़ा धोने के लिए शाम को पानी नहीं मिल रहा है तो टंकी में शाम को भी पानी आपरेटर द्वारा भरवाया जाएगा। ताकि नहाने, धोने के लिए मरीजों व तीमारदारों को कोई दिक्कत न हो।