बलिया। जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने जिला महिला चिकित्सालय में 16 फरवरी 2019 को कूट रचित कागजात प्रस्तुत कर कार्यभार ग्रहण करने वाले कनिष्ठ सहायक अतुल कुमार श्रीवास्तव को पद से हटा दिया। महिला चिकित्सालय में प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह कार्रवाई डीएम ने तीन मार्च को सदर विधायक आनंद स्वरूप शुक्ला द्वारा दी गई शिकायती पत्र पर की गई है।
डीएम ने पत्र में उल्लेख किया है कि कनिष्ठ लिपिक अतुल कुमार श्रीवास्तव द्वारा 16 फरवरी 2019 को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला महिला चिकित्सालय को प्रार्थना पत्र दिया गया कि वे अपनी मां के इलाज के लिए अवकाश पर थे। अवकाश के उपरांत 16 को कार्य पर उपस्थित हूं तथा उपयुक्त अवधि का अर्जित अवकाश स्वीकृत कर वेतन भुगतान कराया जाय। जिस पर महिला सीएमएस द्वारा अतुल कुमार श्रीवास्तव को बिना किसी आदेश के कार्यभार ग्रहण करा दिया गया, जो नियम के खिलाफ है। उल्लेख है कि अतुल कुमार के संबंध में विशेष सचिव, उप्र शासन द्वारा एक फरवरी 2019 के शासनादेश में न तो सीएमएस, जिला महिला चिकित्सालय, बलिया के लिए और न ही जिलाधिकारी बलिया के लिए उसमें कोई निर्देश दिया गया है। इसके अलावा निदेशक प्रशासन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के द्वारा महिला सीएमएस को अतुल कुमार श्रीवास्तव कनिष्ठ लिपिक का स्थानांतरण निरस्त करने के लिए कोई निर्देेश दिया गया है। बावजूद अतुल कुमार श्रीवास्तव कनिष्ठ लिपिक को जिला महिला चिकित्सालय में 16 फरवरी को पुन: योगदान स्वीकार किया गया है, जिसे निरस्त किया जाता है।
मालूम हो कि जिला महिला चिकित्सालय में 19 वर्षों तक तैनात रहने वाले कनिष्ठ सहायक का स्थानांतरण निदेशक प्रशासन द्वारा आठ माह पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोनभद्र के अधीनस्थ हुआ था। लेकिन उन्होंने अभी तक नवीन तैनाती वाले स्थान पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया था। बल्कि कूट रचित ढंग से प्रार्थना पत्र महिला सीएमएस के समक्ष प्रस्तुत कर 16 फरवरी को कार्यभार ग्रहण कर लिया था। जिसकी जानकारी होने पर सदर विधायक ने डीएम से शिकायत की। वहीं अमर उजाला में कनिष्ठ लिपिक के खिलाफ खबर प्रकाशित हुई। जिसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने कनिष्ठ लिपिक के विरुद्ध कार्रवाई की। बता दें कि कनिष्ठ सहायक पर 1244996 रुपये गबन करने का आरोप है। जिसकी पुष्टि डीएम द्वारा मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित टीम द्वारा की जांच में की गई है।