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केंद्र निर्धारण में मानकों की अनदेखी पड़ रही भारी ....

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बलिया। बोर्ड परीक्षा को लेकर केंद्र निर्धारण में की गई मानकों की अनदेखी अब भारी पड़ने लगी है। नकल विहीन परीक्षा कराने को लेकर माध्यमिक शिक्षा परिषद से लेकर जिले स्तर तक कवायद की गई, इसके बावजूद शिक्षा माफिया प्रशासन व शिक्षा विभाग पर भारी पड़े और गलत सूचना के आधार पर विद्यालयों को केंद्र बनवाने में सफल रहे। इसका खुलासा परीक्षा के दौरान सामने आ रही एक-एक कमियों से हो रहा है। अधिकारियों ने सत्यापन का काम मनमानी तरीके से किया और मानक पूरा नहीं होने के बावजूद वह परीक्षा केंद्र बन गए।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से कॉलेजों द्वारा किए गए ऑनलाइन फीडिंग के आधार पर 224 परीक्षा केंद्र निर्धारित करते हुए अधिकारियों को सत्यापन करने करने और जरूरत पड़ने पर केंद्रों का प्रस्ताव करने का निर्देश दिया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने 15 केंद्रों को बदलने व नौ नए केंद्र बनाने पर मुहर लगा दी, इस बाबत प्रस्ताव शासन को भेज दिया। लेकिन अधिकारियों ने इसका खुलासा नहीं किया और सभी काम गोपनीय तरीके से किया। अब जब परीक्षा शुरू हुई और मंगलवार को पहली बड़ी परीक्षा हुई तो केंद्र बनाने की पूरी तैयारी की पोल ही खुल गई। मंगलवार को हल्दी क्षेत्र के एक विद्यालय पर बतौर जोनल मजिस्ट्रेट सदर तहसीलदार ने निर्धारित छात्र संख्या से दोगुना परीक्षार्थी का आवंटन होने का मामला पकड़ा और सामूहिक नकल के आरोप में मुकदमा भी दर्ज करवाया। यह तो महज उदाहरण भर है, अन्य स्कूलों पर परीक्षा के दौरान कमियां सामने आई हैं।
पिछले साल के सापेक्ष इस बार यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्रों की संख्या कम हो गई है। हालांकि नहीं बनाई जाने वाली केंद्रों पर आठ सौ से 1200 तक छात्र-छात्राएं हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा में शामिल होते रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से राम अवतार इंटर कॉलेज टंगुनियां, रामधन इंटर कॉलेज सोनाडीह, दशरथ इंटर कॉलेज तुर्तीपार, हंसई चौधरी इंटर कॉलेज के अलावा अन्य विद्यालय शामिल हैं। ये विद्यालय इस साल परीक्षा केंद्र नहीं बनाए गए हैं।
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