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Ballia News: जिला अस्पताल में 10 बेड और सीएचसी पर पांच बेड का कोल्ड वेव रूम

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जिला अस्पताल में बना कोल्ड वेब रुम।संवाद
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बलिया। शीतलहर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने ठंड की चपेट में आने वाले मरीजों का बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल के इमरजेंसी के ऊपर प्रथम तल पर 10 बेड का कोल्ड वेव रूम बनाया गया है। इसके अलावा सभी सीएचसी पर पांच व पीएचसी पर दो बेड का बनाने का निर्देश सीएमओ डॉक्टर संजीव वर्मन ने दिया है।
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सोमवार को न्यूनतम तापमान 12 डिग्री से कम रहा, गलन बढ़ गई है। शीतलहर के कारण ठंड की चपेट में आने वाले मरीजों को कोल्ड वेव रूम में भर्ती करके इलाज होगा। प्रत्येक कोल्ड वेव रूम में रूम हीटर के साथ ही प्रत्येक बेड पर दो कंबल की व्यवस्था है। स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन द्वारा बढ़ती ठंड और संभावित कोल्ड वेव (शीत लहर) की स्थिति से निपटने की व्यवस्था बढ़ाई गई है।
गलन भरी ठंड के कारण सांस की परेशानी, हाई बीपी, हाइपोथर्मिया, हृदय संबंधी समस्याएं, कोल्ड डायरिया, लकवा जैसी स्वास्थ्य जटिलताओं वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अस्पताल के ओपीडी में मरीजों की संख्या तीन से चार सौ की कमी आई है। पूर्व में रोजाना 15 से 16 सौ मरीज इलाज को आते थे, अब ओपीडी में एक हजार के आसपास पहुंच रहे हैं। इमरजेंसी में भी सांस रोगी, बीपी, सीने में दर्द के ज्यादा मरीज आ रहे हैं। इमरजेंसी वार्ड शाम तक फूल हो जा रहा है, मरीजों को मेडिकल वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। मेडिकल वार्ड खाली चल रहा है, उसमें सिर्फ इमरजेंसी के मरीज भर्ती हो रहे हैं। वहीं, बच्चा वार्ड में कोल्ड डायरिया व सीने में जकड़न के मरीजों से फूल है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एके उपाध्याय ने बताया कि ठंड बढ़ने से ओपीडी में कोल्ड डायरिया व निमोनिया के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। सर्दी जुकाम में बिना चिकित्सक के मेडिकल स्टोर से हाई एंटीबायोटिक दवाएं का सेवन करने से सीने में कफ जम जा रहा है। हालत गंभीर होने पर परिजन इलाज को आ रहे हैं। ठंड के मौसम को देखते हुए बच्चों को गर्म कपड़े पहनाने व घर के अंदर रखने को जागरूक किया।
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