बहराइच। साहेब! मैं कई दिनों से परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने व खतौनी दुरुस्त कराने के लिए चक्कर काट रही हूं। कोई सुनवाई नहीं कर रहा। दौड़ दौड़ कर थक गयी हूं , बहुत उम्मीद लेकर आप के पास आई हूं। इतना कहने के बाद कैसरगंज तहसील के मनिहारी गांव निवासी क्षमा मिश्र फफक कर रोने लगी। डीएम डॉ. दिनेश चंद्र ने पीड़िता को ढांढस बधाते हुए पूरी बात सुनी और मौके से ही कैसरगंज एसडीएम को निर्देश देकर चार घंटे में ही पीड़िता की खतौनी सही कराकर परिजन को दिलवाई। कृतज्ञ पीड़िता व परिजन डीएम का शुक्रिया कहते न थके। यह नजारा शुक्रवार को डीएम कार्यालय के जनता दर्शन में दिखा।
शिकायत लेकर पहुंच पीड़िता नीे बताया कि उसके द्वारा परिवार की नकल, आधार व मृत्यु प्रमाण-पत्र के साथ पांच अगस्त व आईजीआरएस के माध्यम से 09 नवंबर के माध्यम से खाता संख्या 71 में ग्राम चकपिहानी के मृतक खातेदार स्व. बृजेश कुमार मिश्रा पुत्र वेदानंद मिश्रा के स्थान पर मृतक की पत्नी क्षमा मिश्रा, पुत्र सौरभ मिश्रा व वीरेश मिश्रा पुत्रगण स्व. बृजेश कुमार मिश्रा का नाम दर्ज किये जाने का आवेदन किया था। कई माह से लगातार दौड़ लगाने के बाद भी परिवार का विवरण अभी तक परिवार रजिस्टर व खतौनी में दर्ज नहीं हो सका है। यह कहकर वह फफक उठी। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कैसरगंज एसडीएम को मामले का निस्तारण कराने का निर्देश दिया।
डीएम ने बताया कि कैसरगंज की पीड़िता का मामला संज्ञान में आते ही मामले को चार घंटे में निस्तारित कराने के बाद पीड़िता के मामा बृजेश शर्मा को बुलाकर दुरुस्त खतौनी की नकल सौंप दी गई। जनता दर्शन में आने वाले पीड़ितों के चेहरे पर जाते समय मुस्कान लाना ही प्रसासन का प्रयास रहता है।
इस मामले की जांच में सामने आया कि लेखपाल विजय लक्ष्मी त्रिपाठी ने समय से पीड़िता का आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों की जांच नहीं की। लेखपाल के इस कार्य को काम काज में शिथिलता मानते हुए डीएम ने प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। डीएम के कड़े रुख से अन्य अफसरों व कर्मियों में हड़कंप है।