भारत-नेपाल सीमा पर सड़क किनारे स्थित मंदिर।
रुपईडीहा। भारत-नेपाल सीमा के समानांतर बनी सड़क के किनारे जमुनहा गांव में बने प्राचीन शिवालय को हटाए जाने की चर्चा से लोगोंं में भारी आक्रोश है। तहसील प्रशासन मंदिर के नो मेंस लैंड में स्थित होने के दावे के साथ हटाने की तैयारी में है।
जमुनहा गांव निवासी कमलेश वैश्य, मनोज शर्मा, मुरारी मिश्र, सूरज पाठक, संजय पाठक, अभिषेक पाठक आदि ने आरोप लगाते हुए बताया कि रुपईडीहा थाने में एसडीएम अंजनी यादव, सीओ प्रद्युम्न सिंह, एसएसबी 42वीं वाहिनी के इंचार्ज सुनील कुमार शांति, लेखपाल करुणेश श्याम त्रिपाठी, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी रंग बहादुर सिंह व थाना प्रभारी ददन सिंह के नेतृत्व में बैठक की गई। जिसमेंं गांव में सड़क किनारे बने प्राचीन मंदिर को हटाने का निर्णय लिया है। साथ ही अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण भी किया है। ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर बहुत प्राचीन है और हजारों लोगों की आस्था का प्रतीक है। मंदिर सड़क से दूर है। बावजूद इसके प्रशासन इसे हटाना चाहता है। जबकि शिवालय के ठीक सामने सड़क के दूसरी ओर स्थित लोहा शाह बाबा की मजार को सिर्फ छोटा किया गया है। ऐसे में शिवालय को पूरी तरह से हटाया जाना पक्षपातपूर्ण रहेगा। ग्रामीणोंं ने कहा कि प्रशासन से शिवालय को हटाने के बजाए वैकल्पि रास्ता निकालने की मांग की गई है।