तराई में बदल रहा मौसम नौनिहालों पर भारी पड़ रहा है। निमोनिया व बर्थ एक्सपीसिया की चपेट में आकर दो मासूमों की सांसें शुक्रवार को जिला अस्पताल में थम गईं। वहीं 10 और रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें दो की हालत नाजुक बताई जा रही है।
रात में हो रही ठंड और दिन में निकल रही तेज धूप तराई के लोगों को बीमार बना रही है। रामगांव के बख्शीपुर गांव निवासी रीना (6) पुत्री अक्षयवर को गुरुवार की शाम बुखार और उल्टी सांस चलने की शिकायत हुई।
इस पर परिवारीजनों ने रीना को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां पर इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह रीना की सांसें थम गईं। डॉक्टरों के मुताबिक वह निमोनिया की चपेट में थी। उधर, कैसरगंज के ढोड़ैला गांव निवासी हुसैन अली की पत्नी गुलफिशां ने शुक्रवार सुबह बेटी को जन्म दिया। लेकिन जन्म के कुछ देर बाद ही उसकी हालत बिगड़ गई।
इस पर जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड आईसीयू में उसे भर्ती कराया गया, वहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, निमोनिया, डायरिया व बुखार से पीड़ित और 10 रोगी जिला अस्पताल में भर्ती हुए हैं। इनमें दो की हालत नाजुक बताई जा रही है।