बहराइच। एमएलसी के चुनाव के अंतिम दौर में सोमवार को भाजपा प्रत्याशी व सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने निर्दल प्रत्याशी के रूप में अपना-अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान नामांकन स्थल पर काफी गहमागहमी का माहौल बना रहा। नामांकन स्थल पर कड़ी सुरक्षा बनी रही। एमएलसी चुनाव में भाजपा से एक व सपा से दो प्रत्याशी चुनाव मैदान ताल ठोंक रहे हैं।
एमएलसी चुनाव में सोमवार को नामांकन का अंतिम दिन था। नामांकन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर को सुबह से ही अपने घेरे में लिया था। प्रत्याशियों को छोड़कर किसी को भी नामांकन स्थल पर जाने की अनुमति नहीं थी। सोमवार को 12:30 बजे भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, सांसद अक्षयवरलाल गौड़, सदर विधायक अनुपमा जायसवाल, महसी विधायक सुरेश्वर सिंह, पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी, नानपारा विधायक रामनिवास वर्मा, बलहा विधायक सरोज सोनकर, श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडेय समेत पूरे लाव-लश्कर के बीच नामांकन स्थल पर पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल किया। भाजपा प्रत्याशी के नामांकन के दौरान नामांकन स्थल के बाहर व अंदर काफी गहमागहमी का माहौल रहा। भाजपा प्रत्याशी से पूर्व सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण यादव ने भी निर्दल प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया। सपा के पूर्व अध्यक्ष द्वारा नामांकन दाखिल करने से अब सपा की ओर से दो प्रत्याशी चुनाव मैदान में ताल ठोंक रहे हैं। हालांकि सपा ने अभी तक अमर यादव को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है।
सपा से दो प्रत्याशियों का नामांकन बना रहा चर्चा का विषय
बहराइच। एमएलसी के चुनाव में सपा से दो प्रत्याशियों का नामांकन चर्चा का विषय बना हुआ है। मालूम हो कि नामांकन के पहले दिन सपा से अधिकृत प्रत्याशी अमर यादव ने पार्टी के जिलाध्यक्ष रामहर्ष यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जफरउल्ला खां बंटी, कोषाध्यक्ष अब्दुल मन्नान समेत अन्य पार्टी के पदाधिकारियों के साथ नामांकन दाखिल किया था, लेकिन सोमवार को नामांकन के आखिरी दिन सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण यादव ने नामांकन स्थल पर पहुंचकर नामांकन दाखिल करने के बाद जिले की राजनीति गर्म हो गई है। लोग कयासों के दौरान यह पता लगाने में जुट गए कि आखिर सपा का अधिकृत प्रत्याशी कौन है। हालांकि पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मी यादव का साफ कहना है कि सपा से अन्य किसी ने नामांकन दाखिल किया है, यह उनकी जानकारी में नहीं है। उधर, सपा के अधिकृत प्रत्याशी अमर का कहना है कि यह पर्दे के पीछे की रणनीति है।
रणनीति के तहत लक्ष्मी ने किया नामांकन : जिलाध्यक्ष
सपा के जिलाध्यक्ष रामहर्ष यादव ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में नेहा अजीज ने नामांकन दाखिल किया था। लेकिन भाजपाइयों के दबाव में उनका नामांकन वापस हो गया था। इस स्थिति की पुनरावृत्ति एमएलसी चुनाव में न हो इसलिए पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मी यादव का निर्दलीय के रूप में नामांकन कराया गया है। लक्ष्मी यादव पार्टी के वफादार कार्यकर्ता और पदाधिकारी हैं।