मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन के बाद मां की गोद में लेटा आदित्य। -संवाद
बहराइच। बहराइच मेडिकल कॉलेज ने बृहस्पतिवार को एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। पहली बार यहां सफल न्यूरो सर्जरी की गई, जिसमें धान मशीन की चपेट में आए ढाई वर्षीय आदित्य की जान बचाई गई। मेडिकल टीम की सतर्कता, विशेषज्ञता और तत्परता के कारण बच्चा अब खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
बलरामपुर जिले के कैली गांव निवासी रामकरन ने बताया कि पांच दिन पहले उनका बेटा आदित्य खेलते समय धान मशीन की चपेट में आ गया था, जिससे उसके सिर में गहरी चोट आ गई। परिजन तुरंत उसे बलरामपुर जिला अस्पताल ले गए, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे बहराइच मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर बच्चे की जांच न्यूरो सर्जन डॉ. शिवम मदेशिया ने की। डॉक्टरों के अनुसार, मशीन के तेज प्रहार से बच्चे की खोपड़ी की हड्डी का एक हिस्सा टूटकर अंदर धंस गया था, जिसके कारण वह बेहोश अवस्था में था। स्थिति गंभीर थी और तुरंत ऑपरेशन जरूरी था।
परिजनों की सहमति मिलने के बाद डॉ. शिवम की अगुवाई में सर्जरी शुरू की गई। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. संजय खत्री ने बताया कि यह सर्जरी कॉलेज के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि सर्जरी में विभागाध्यक्ष डॉ. अमित श्रीवास्तव का डॉ. राजदीप और डॉ. विनय ने सहयोग किया।
लगभग डेढ़ घंटे तक चले इस ऑपरेशन में धंसे हुए हड्डी के टुकड़े को सावधानी से निकाला गया और बच्चे की स्थिति स्थिर की गई। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चा अब खतरे से बाहर है और तेजी से स्वस्थ हो रहा है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इसे संस्थान की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि अब जटिल न्यूरो सर्जरी भी यहीं स्थानीय स्तर पर संभव होगी, जिससे जिले और आसपास के लाखों मरीजों को राहत मिलेगी।