बहराइच/बौंडी। फखरपुर क्षेत्र के उमरी दहलो गांव में बुधवार देर शाम तेंदुए के हमले में एक महिला की मौत के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। बृहस्पतिवार सुबह तेंदुआ बिराहिमडीहा और इंदनापुर गांव में दिखा। वन विभाग ने तेंदुए की तलाश तेज कर दी है। गांव के पास पिंजरे लगाए गए हैं और ड्रोन कैमरे से लगातार निगरानी की जा रही है।
बृहस्पतिवार सुबह बिराहिमडीहा और इंदनापुर गांव के लोग खेत जाने के लिए निकले थे, तभी दोनों गांवों के लोगों ने एक घंटे के अंतराल में तेंदुए को गन्ने के खेतों में जाते देखा। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। लोगों का कहना है कि उमरी दहलो में हमला करने के बाद तेंदुआ वहीं से निकलकर इन गांवों के बीच के खेतों की ओर चला गया।
वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचते ही सर्च ऑपरेशन में जुट गईं। आसपास के खेतों और घनी झाड़ियों की तलाशी ली जा रही है। विभाग ने तीन टीमें गठित की हैं, जो अलग-अलग इलाकों में तेंदुए की खोज कर रही हैं। इसके साथ ही तीन सीसी कैमरे, तीन ट्रैपिंग कैमरे और दो बड़े पिंजरे लगाए गए हैं। ड्रोन कैमरे की मदद से भी क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।
डीएफओ राम सिंह यादव ने बताया कि उमरी दहलो, बिराहिमडीहा और इंदनापुर गांव के साथ ही आसपास के गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। तेंदुए को पकड़ने के लिए लगातार कोशिश हो रही है। इसके साथ ग्रामीणों को जागरूक करने का अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।
घर पहुंचा महिला का शव तो बिलख उठे परिजन
बौंडी। फखरपुर क्षेत्र के उमरी दहलों गांव में बुधवार रात शांति (55) तेंदुए के हमले में घायल हुई थीं। मेडिकल कॉलेज में इलाज शुरू होते ही उनकी मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गांव पहुंचा परिजन बिलख पड़े। रोते-बिलखते शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
पुलिस के देर से पहुंचने पर ग्रामीण नाराज
गांव वालों का कहना है कि घटना की जानकारी तुरंत फखरपुर पुलिस को दी गई थी, लेकिन पुलिस तीन घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मौके पर आकर पुलिस थोड़ी देर बाद लौट भी गई। लोगों का कहना है कि मुसीबत के समय पर पुलिस का ही सहारा होता है, लेकिन पुलिस भी समय पर नहीं पहुंचती। यह सीधी लापरवाही है और इसकी जांच होनी चाहिए।
बिजली कटौती बनी बड़ी वजह, अंधेरे में हुआ हमला
गांव निवासी राजेश कुमार, देवीप्रसाद, जीवन ने बताया कि बुधवार सुबह आठ बजे से बिजली काट दी गई थी, शाम को भी सप्लाई नहीं दी गई, पूरा इलाका अंधेरे में डूबा रहा। बिजली न होने के कारण शाम होते ही गांव में घना अंधेरा पसर गया था। शांति देवी भी अंधेरे में ही खेत की ओर गईं, तभी तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया।